अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड से 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है। हरियाणा बोर्ड ने इन विद्यार्थी राहत देते हुए मॉडरेट मार्किंग शुरू की है। अब परीक्षा के पूछे गए प्रश्न का विद्यार्थी जितना उत्तर सही देगा उस उत्तर के उतने ही अंक दिए जाएंगे। अब सीबीएसई की तर्ज पर उत्तर पुस्तिकाओं को मूल्यांकन होगा।
बता दें सात-आठ मार्च से 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षाएं शुरू होने जा रही हैं। जिले में करीब 20 हजार विद्यार्थी परीक्षा देंगे। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से घोषित परीक्षा परिणाम लगातार गिर रहा था। तमाम प्रयासों के बावजूद बोर्ड परीक्षार्थी सीबीएसई की तरह बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पा रहे थे। परीक्षा परिणाम कम आने से बोर्ड की मूल्यांकन नीति की आलोचना भी हुई थी। इसी कारण इस बार मूल्यांकन कार्य में भी बदलाव करने का फैसला लिया है।
ये होती है मॉडरेट मार्किंग
मार्किंग के तहत छात्र ने जिस सवाल का जवाब दिया है वह सवाल जितना ठीक होगा, उस विद्यार्थी को उतने ही अंक मिलेंगे, क्योंकि यही अंक पास प्रतिशत को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं। लेकिन इससे पहले हरियाणा बोर्ड में यदि विद्यार्थी का आधा उत्तर सही होता था तो उसके अंक नहीं मिलते थे। जिस कारण विद्यार्थियों के अंक कम आते थे।
अब बढ़ेगा हरियाणा बोर्ड का रिजल्ट
इस मार्किंग से हरियाणा बोर्ड का रिजल्ट, सीबीएसई के रिजल्ट से उपर जा सकता है। क्योंकि रिजल्ट को बेहतर करने के लिए हरियाणा बोर्ड की ओर से पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। स्कूलों में दसवीं और बारहवीं के जो छात्र किसी भी विषय में कमजोर हैं उन पर शिक्षकों को विशेष ध्यान देने के लिए कहा गया है। ताकि परीक्षा से पहले उनकी तैयारी बेहतर हो सके। इसके लिए उन्हें अतिरिक्त कक्षाएं देने और पिछले सालों के प्रश्न पत्रों से तैयारी कराने के निर्देश दिए हैं।
हरियाणा विद्यालय बोर्ड ने इस बार मॉडरेट मार्किंग का निर्णय लिया है। जिस विद्यार्थी का जितना उत्तर सही होगा उसे उतने अंक मिलेंगे। इससे विद्यार्थियों को रिजल्ट भी बेहतर आएगा। अकसर देखा जाता था कि सीबीएसई बोर्ड का रिजल्ट बेहतर आता था लेकिन इस बार हरियाणा बोर्ड का रिजल्ट बेहतर आएगा।
-सुशील कुमार, जिला विज्ञान विशेषज्ञ, करनाल।