अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। डेढ़ साल पहले स्मार्ट शहरों की सूची में शामिल हो चुकी कर्ण नगरी को स्मार्ट बनाने को लेकर शुक्रवार को विकास सदन में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की एडवाइजरी कमेटी के साथ मंडल आयुक्त विनीत गर्ग की बैठक में निगम अधिकारियों की अधूरी तैयारियों की पोल खुल गई।
करीब दो घंटे तक चली बैठक में निगम अधिकारी और सलाहकार केवल प्रोजेक्टों का ही वर्णन करते रहे, शहर स्मार्ट कैसे बनेगा और प्रोजेक्ट कैसे लागू होंगे, इन सवालों का जवाब किसी भी अधिकारी पास नहीं था। बैठक के अंत में खुद करनाल मंडल आयुक्त विनीत गर्ग और डीसी डॉ. आदित्य दहिया ने यह कहना पड़ा, पूरी मीटिंग के बाद भी हमें कुछ नहीं समझ आया कि आप शहर को स्मार्ट कैसे बनाओगे? कैसे किसी प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाओ, केवल गुणगान करने से सिटी स्मार्ट नहीं बनने वाला। शहर को स्मार्ट कैसे बनाया जाएगा, अभी तक आप लोग खुद ही डिसाइड नहीं कर पाए कि आप करेंगे क्या और कैसे? प्रोजेक्ट का तो हमें भी पता है ये बताएं कि आप इन प्रोजेक्टों पर काम क्या करेंगे और कैसे करेंगे?
यह सुनते ही नगर निगम व कंपनी के अधिकारियों के सर्दी में भी पसीने छूट गए। किसी भी अधिकारी से कोई जवाब देते नहीं बना। इस पर मंडल आयुक्त ने कहा कि पहले आप तैयारी करें कि स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट पर क्या काम करना है और कैसे करना है? इतना ही नहीं आयुक्त ने कहा कि अभी तक तो आपने डीसी साहब को ही नहीं बताया कि आप शहर को स्मार्ट कैसे बनाएंगे? बाद में नगर निगम के आयुक्त राजीव मेहता ने यह कह कर अपना पिंड छुड़वाया कि ये बैठक तो स्मार्ट सिटी के लिए सुझाव लेने के लिए है।
बता दें कि डेढ़ साल पहले शहर को स्मार्ट सिटी की सूची में शामिल किया गया था। करीब छह माह पहले स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को लेकर सलाहकार की नियुक्ति की गई थी। इसको लेकर शुक्रवार दोपहर बाद 3 बजे से लेकर 5 बजे तक विकास सदन में नगर निगम अधिकारियों व सलाहकार की बैठक हुई। इसमें विशेष तौर पर मंडल आयुक्त व डीसी भी शामिल रहे। पूरे दो घंटे तक नगर निगम व सलाहकार कंपनी केपीएमजी के अधिकारियों ने प्रोजेक्ट के बारे में बताया। किसी भी प्रोजेक्ट के बारे में वे उसे कैसे लागू करेंगे और कितने दिन में करेंगे, कुछ भी नहीं बता पाए। केवल प्रोजेक्ट बताए गए, उनको जमीन पर कैसे लाया जाएगा, इसको लेकर कुछ नहीं बताया गया। इस पर मीटिंग के अंत में मंडल आयुक्त बोले, अभी तक मुझे और डीसी साहब को ही समझ में नहीं आया कि आप करेंगे क्या, आप जनता को कैसे बताएंगे।
इस बैैठक में नगर निगम कमिश्नर राजीव मेहता, मेयर रेणू बाला गुप्ता, ईओ धीरज कुमार, केपीएमजी के प्रोजेक्ट मेनजर, अर्बन प्लानर, एसोसिएट कंसलटेंट, एसोसिएट डायरेक्टर, जिला परियोजना समन्वयक सपना जैन, भाजपा नेता अशोक सुखीजा, आरएसए शुभम भारद्वाज तथा एडवाईजरी कमेटी में शामिल शहर के अंजू धवन, मिनाक्षी भिंडर, ओमनाथ, पंकज अनेजा, जयपाल, जसपाल वर्मा, नरेश सलुजा तथा डॉ. वीके सहगल भी शामिल हुए।