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हंसमुख और ड्यूटी का पाबंद था एसआई नरेंद्र, परिवार समेत पुलिस महकमे में छाया मातम

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अमर उजाला ब्यूरो
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करनाल। करनाल पुलिस एस्कोर्ट गार्द में तैनात एसआई नरेंद्र सिंह (42) बहुत ही खुशमिजाज इंसान था, इसके साथ ही ड्यूटी का पक्का पाबंद था। वह पिछले चार सालों से आरोपियों को कोर्ट में पेश करता आ रहा था। इस दौरान उसने बड़े से बड़े बदमाशों को भी कोर्ट में पेश किया।
बुधवार को भी वह नारी निकेतन से एक नाबालिग लड़की को रोहतक जुवेनाइल कोर्ट में पेश करने ले गया था। इस दौरान उसके साथ महिला कांस्टेबल सुशीला भी उसके साथ थी। सुबह करीब साढ़े आठ बजे एसआई नरेंद्र और महिला कांस्टेबल सुशीला नारी निकेतन से नाबालिग को लेकर निकले। तीनों बस द्वारा रोहतक पहुंचे। दोपहर को कोर्ट में पेश होने के बाद जैसे ही वे कोर्ट परिसर के बाहर निकले तो बाइक सवार बदमाशों ने नाबालिग लड़की पर फायरिंग कर दी। बहादुरी के साथ एसआई नरेंद्र ने उस नाबालिग लड़की को बचाने का प्रयास किया और उसकी सुरक्षा में अपने प्राण न्योछावार कर दिए, लेकिन वह उस नाबालिग लड़की को नहीं बचा पाया, गोली लगने से उसकी भी मौत हो गई। एसआई नरेंद्र की मौत से जहां हांसी रोड स्थित परिवार में मातम छाया हुआ है, वहीं पुलिस विभाग भी सन्न है। विभाग के कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों ने नरेंद्र सिंह की मौत पर दुख जाहिर किया। वहीं, एस्कोर्ट गार्द के इंचार्ज एसआई सुभाष ने बताया कि एसआई नरेंद्र बहुत खुशमिजाज व ड्यूटी का पाबंद था।
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गौरतलब है कि नरेंद्र सिंह ने हांसी चौक पर अपना मकान बनाया हुआ है, वह अपनी पत्नी वीना, बेटी खुशबू और बेटे निशांत के साथ रह रहा था। बेटा और बेटी दोनों हायर एजुकेशन कर रहे हैं। अब पिता की मौत के बाद से वे सदमे में हैं।

नरेंद्र की शहादत पर गर्व, राष्ट्रपति मेडल के लिए करेंगे पत्राचार : एसपी
एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया ने दुख व्यक्त करते हुए बताया कि बहादुर एसआई नरेंद्र कुमार ने अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए उस नाबालिग लड़की की जान बचाने के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए हैं। पुलिस विभाग के लिए यह बहुत बड़ी हानि है, जिनकी कमी को पूरा नहीं किया जा सकता। हमें नरेंद्र कुमार की शहादत का दुख है, किंतु इस बात का गर्व भी है कि दूसरों के प्राणों की रक्षा करते हुए उन्होंने अपने जीवन का बलिदान किया है। एसपी ने कहा कि शहीद नरेंद्र कुमार के अदम साहस को देखते हुए उनके लिए राष्ट्रपति मैडल के लिए सरकार से पत्राचार किया जाएगा।

सात माह से नारी निकेतन में रह रही थी
रोहतक में एक साल पहले नाबालिग लड़की द्वारा एक लड़के से लव मैरिज कर ली थी। लड़की के परिजनों ने उस लड़के के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी ओर रोहतक पुलिस ने लड़के को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया और उसे जेल भेज दिया। लड़की को करनाल नारी निकेतन भेज दिया। करीब पिछले सात महीने से यह नाबालिग लड़की करनाल नारी निकेतन में रह रही थी और हर सप्ताह व दस दिनों में इसकी कोर्ट में पेशी होती थी।

गार्द सहित पीसीआर, घरौंडा और इंद्री थाना में दे चुका है एसआई सेवाएं
एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया ने बताया कि एसआई नरेंद्र कुरूक्षेत्र में पिहोवा की वाल्मीकि बस्ती का रहने वाला है, लेकिन पुलिस पिछले कई सालों से वह करनाल हांसी रोड पर अपनी पत्नी वीना, बेटी खुशबु व बेटे निशांत के साथ रह रहा था। 8 जनवरी 2015 से वह एस्कोर्ट गार्द में अपनी सेवाएं दे रहा था। इससे पहले वह करनाल में ही पीसीआर-4,8 पर इंचार्ज रह चुका है, घरौंडा, इंद्री थाना में भी सेवाएं दे चुका है।
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घर पर लटका ताला, पड़ोसी भी मातम में डूबे
नरेंद्र सिंह की शहादत की खबर के बाद परिवार के सदस्य रोहतक रवाना हो गए। घर पर ताला लटका है। हालांकि, सूचना के बाद से पड़ोस के लोग जरूर दुख जताने के लिए एकजुट हो रहे हैं। नरेंद्र सिंह की मौत पर पड़ोसी भी गम में डूबे हैं। पड़ोसियों ने कहा कि नरेंद्र सिंह एक अच्छा इंसान था और सभी के साथ उसका अच्चा व्यवहार था।
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