पार्षद की गिरफ्तारी के विरोध में एकजुट पार्षद ने दिया धरना
अमर उजाला ब्यूरो
घरौंडा।
नगरपालिका के एक पार्षद को बीते सप्ताह पुलिस द्वारा गिरफ्तार करने के विरोध में नपा पार्षद लामबंद हो गए हैं। नपा पार्षदों ने मामले की निष्पक्षता से जांच की मांग को लेकर नगरपालिका के गेट पर सांकेतिक धरना शुरू कर दिया है। पार्षदों का आरोप है कि पुलिस ने पार्षद को गलत तरीके से गिरफ्तार किया है। धरने पर कई पार्षदों ने हिस्सा लिया। शुक्रवार को पूर्व नपा चेयरमैन और पार्षद प्रतिनिधि सुरेंद्र सिंगला, पार्षद ओंकार दत्त, विकास शर्मा, विक्रमजीत चौहान, सुनील पाल आदि ने नगरपालिका के गेट पर तंबू लगाकर दो घंटे का सांकेतिक धरना दिया।
पार्षद सुनील कुमार ने बताया कि पुलिस ने उसको किस मामले में गिरफ्तार किया है, वह उससे अनभिज्ञ है। कुछ माह पूर्व गंदे नाले में गिरने से एक पांच वर्षीय बच्चे की मौत हो गई थी। जिसको लेकर कालोनी वासियों ने प्रदर्शन किया था, लेकिन उसमें उनका कोई रोल नहीं था। वह केवल प्रदर्शनकारियों के साथ था, लेकिन पुलिस ने कुछ दिन पूर्व ही बिना कुछ बताए गिरफ्तार कर लिया। वहीं नपा पूर्व चेयरमैन सुरेंद्र सिंगला ने कहा कि पार्षद सुनील पाल एक जनप्रतिनिधि है और उसको बिना किसी कारण के ही गिरफ्तार करना गलत है।
गौरतलब है कि फरवरी में शहर के गंदे नाले में पांच वर्षीय बच्चे की लाश मिलने से भड़के कुछ लोगों ने नगरपालिका कार्यालय में प्रदर्शन किया था। इस प्रदर्शन में शामिल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ नगरपालिका सचिव और नपा अध्यक्ष द्वारा पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी। पुलिस ने एक व्यक्ति के नामजद करते हुए कुछ अन्य लोगों के खिलाफ कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। बीते सप्ताह इस केस में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पार्षद सुनील और दो अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था। थाना प्रभारी हरजिंद्र सिंह ने पार्षदों के सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि पुलिस ने पार्षद सुनील की गिरफ्तारी सबूतों के आधार पर की है। उन्होंने कहा कि इस मामले में पुलिस पर किसी तरह का दबाव नहीं है।