करनाल। भ्रष्टाचार का केस दर्ज होने के बाद तनाव में आए डीएफएफसी के इंस्पेक्टर इंद्र सिंह संधु ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। हालांकि, परिजनों ने समय रहते इंस्पेक्टर को अपर्णा अस्पताल में दाखिल कराया। फिलहाल आईसीयू में उनका इलाज चल रहा है। उधर, पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। हालांकि, अभी तक इंस्पेक्टर बयान देने की स्थिति में नहीं हैं।
तीन मई को आरोपी सब इंस्पेक्टर अमित राठी को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए विजिलेंस ने पकड़ लिया था। इस दौरान शिकायत कर्ताओं ने आरोप लगाया था कि सब इंस्पेक्टर ये कहता था कि इंस्पेक्टर इंद्र सिंह संधु और मेरी एक ही बात है, पैसे दोनों में से किसी को भी दे देना। उनका आरोप है कि दोनों की मिलीभगत से ही भ्रष्टाचार चल रहा था। इस पर विजिलेंस ने अमित राठी समेत इंस्पेक्टर इंद्र सिंह संधू के खिलाफ भी भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत केस दर्ज किया था। इससे इंद्र सिंह तनाव में आ गया। बताया जाता है कि रविवार को छुट्टी होने के कारण इंद्र सिंह गगसीना स्थित अपने घर पर था। अकेला होने पर उसने जहरीला पदार्थ निगल लिया। तबीयत बिगड़ने के बाद आनन-फानन में परिजनों ने उसे अर्पणा अस्पताल में दाखिल कराया। फिलहाल इंद्र सिंह को आईसीयू में दाखिल कराया गया है और उनका इलाज चल रहा है।
ये है मामला
मामले के अनुसार, असंध खाद्य आपूर्ति विभाग के पूर्व इंस्पेक्टर पवन सोलंकी ने अपने कार्यकाल में 7 नए डिपो बनाये थे। इनमें राहड़ा गांव के भी कुछ डिपो शामिल थे, लेकिन गलत तरीके से डिपो बनाने के कारण विभाग ने पवन सोलंकी का तबादला कर उसके खिलाफ जांच बैठा दी थी। वहीं, असंध में आए नए इंस्पेक्टर अशोक राणा ने जांच करके सभी नए नौ डिपो की सप्लाई बंद कर दी थी। इसके बाद से सभी नौ डिपो बंद थे, लेकिन विभाग के ही सब इंस्पेक्टर व कांफेड के इंचार्ज अमित राठी ने कुछ दिन पूर्व राहड़ा गांव के बलजिंद्र के डिपो की सप्लाई खोल दी थी। इसके लिए राहड़ा गांव के नरेश व जगमिंद्र ने अमित राठी के खिलाफ गलत तरीके से मिलीभगत करके डिपो की सप्लाई खोलने के खिलाफ कोर्ट में केस किया हुआ है। आरोप है कि इसी खुन्नस में अमित राठी दोनों डिपो धारकों से प्रति माह पांच हजार रुपये की डिमांड कर रहा था और बार बार डिपो बंद करने की धमकी दे रहा था।
अभी नहीं हुए हैं बयान : चौकी प्रभारी
इस बारे में मूनक चौकी इंचार्ज सतपाल का कहना है कि फूड सप्लाई के इंस्पेक्टर द्वारा जहरील पदार्थ निगलने की सूचना मिली थी। हम अर्पणा अस्पताल गए थे, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि अभी इंद्र सिंह बयान देने की स्थिति मेें नहीं है। बयान लेने के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।