अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। असंध हलके के भाजपा विधायक व पूर्व सीपीएस बख्शीश सिंह विर्क ने कहा कि जरनैल सिंह भिंडरावाले संत थे। विधायक ने कहा कि भिंडरावाले को उठाने वाली भी कांग्रेस थी और कांग्रेस ने उनके साथ क्या किया ये पूरा देश जानता है। इतना ही नहीं विर्क ने कहा कि मैं सिख धर्म के साथ हूं, पार्टी आती और जाती हैं, अगर समाज कहेगा तो वे अपने पद से इस्तीफा देने को तैयार हैं।
विधायक विर्क शुक्रवार को डेरा कार सेवा में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। बता दें कि 28 सितंबर को सीएम मनोहर लाल अपने प्रस्तावित दौरे के दौरान गांव डाचर स्थित गुरुद्वारे में नहीं गए थे। सीएम द्वारा कहा गया था कि वे गुरुद्वारे में इसलिए नहीं थे, क्योंकि वहां पर जरनैल सिंह भिंडरावाला का चित्र लगा हुआ था। इसके बाद से सिख समाज में सीएम और भाजपा को लेकर रोष है और समाज ने चेतावनी दे रखी है कि अगर 6 अक्तूबर तक सीएम ने गुरुद्वारे में आकर माफी नहीं मांगी तो वे आगामी रणनीति बनाएंगे। इस मामले को लेकर वीरवार को असंध के विधायक बख्शीश सिंह विर्क समेत सिख समाज का प्रतिनिधिमंडल चंडीगढ़ में सीएम से मिला था और मामले को लेकर चर्चा की थी। इसके बाद शुक्रवार सुबह सिख समाज के लोगों ने डेरा कार सेवा में प्रेसवार्ता कर स्थिति स्पष्ट की। एक सवाल के जवाब में विधायक बख्शीश सिंह विर्क ने कहा कि जरनैल सिंह भिंडरेवाला संत थे। इसके अलावा, अगर समाज कहेगा तो वे अपने पद से इस्तीफा देने को तैयार हैं, पार्टी आती जाती रहती हैं। विर्क ने कहा कि चंडीगढ़ में हुई बैठक में सीएम के साथ सौहार्दपूर्ण बात हुई थी और सीएम ने आश्वस्त किया था कि वे 9 अक्तूबर के बाद वे डाचर गुरुद्वारे में जाकर मत्था टेकेंगे। इस दौरान भिंडरेवाला की फोटो को लेकर कोई बात नहीं हुई। विर्क ने आरोप लगाया कि सीएम के मीडिया सलाहकार राजीव जैन हमारी बैठक के दौरान मौजूद नहीं थे, बावजूद इसके बिना तथ्यों के उन्होंने समाचार पत्रों को ये समाचार भेज दिया। इसलिए मैं सीएम से अपील करूंगा कि जैन को पद से हटाया जाए। सिख युवाओं द्वारा खालिस्तान के नारे लगाने के सवाल पर विर्क ने कहा कि पूरा सिख समाज नारे नहीं लगा रहा है, कुछ सिख युवाओं ने नारे लगा रहे हैं। वे युवाओं से अपील करते हैं प्रेम व शांति बनाए रखें। धीरे-धीरे वे भी ऐसा नहीं करेंगे। मैं चाहता हूं कि आपस में सभी का भाईचारा बना रहे, इसके लिए ही सभी को प्रयास करने चाहिए। विर्क ने कहा कि फोटो लगाना और नहीं लगाना समाज के लोगों की आस्था से जुड़ा मामला है।
सीएम को मत्था टेकने जाना था, न की भिंडरेवाला की फोटो देखने
इसी दौरान निफा के अध्यक्ष प्रितपाल सिंह पन्नू ने कहा कि भिंडरावाले की फोटो हर घर, गुरुद्वारे में लगी है, इतना ही नहीं पंजाब में भिंडरावाले का स्मारक बना हुआ है, उस दौरान अकाल दल और बीजेपी की ही सरकार थी। सीएम को गुरुद्वारे में गुरु ग्रंथ साहिब के सामने मात्था टेकने व लंगर चखने जाना था, ना कि भिंडवाले की फोटो देखने, उन्होंने गलती की है और उन्हें गुरुद्वारे में मत्था टेकने आना चाहिए। पन्नू ने कहा कि वीरवार को उनकी सीएम से बात हुई है, लेकिन वहां भिंडरावाले की फोटो उतारने या लगी रहने को लेेकर कोई बात नहीं हुई है। अगर प्रतिनिधिमंडल की बात मानें तो इसका साफ सा मतलब ये है कि सीएम दोबारा से डाचर गुरुद्वारे में आएंगे और इस दौरान भिंडरेवाली का फोटो नहीं उतारी जाएगी।
डेरा कार सेवा में भी लगाए भिंडरावाले के पोस्टर
प्रेसवार्ता से पहले डेरा कार सेवा में भी सिख युवाओं ने भिंडरावाले के पोस्टर लगाए। हालांकि, इससे पहले कभी भी डेरा कार सेवा में इस प्रकार के पोस्टर नहीं लगाए गए थे। इससे पहले, भी सिख समाज के युवा दो बार खालिस्तान के नारे भी लगा चुके हैं और साथ ही भिंडरावाले की भी नारे लगाए हैं।