अमर उजाला ब्यूरो
करनाल (घरौंडा)। नई अनाज मंडी में दूषित पानी पीने और सड़ी-गली सब्जी आदि खाने से जहां सात मजदूरों की मौत हो चुकी है और करीब 500 से ज्यादा लोग बीमार हो चुके हैं। मेडिकल कॉलेज और सिविल अस्पताल में बुखार के मरीजों की लंबी लाइनें लग रही हैं। कुछ इसी प्रकार के हालात प्राइवेट अस्पतालों के भी हैं। वहीं, घरौंडा कस्बे में बुखार ने अपने पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। फुरलक गांव में ही एक महिला व बच्चे को डेंगू होने का दावा परिजन कर रहे हैं। दूसरी ओर गांव के हर तीसरे घर में वायरल बुखार के मामले सामने आ रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, गांव में लगभग 350 लोग वायरल बुखार से पीड़ित हैं। डेंगू व वायरल के केस सामने आने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। गांव में किसी प्रकार की कोई स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं है। मरीजों को करनाल, पानीपत व मधुबन के अस्पतालों में इलाज करवाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से किसी ने गांव की स्थिति का जायजा नहीं लिया। यदि जल्द ही कोई कदम नही उठाया गया तो स्थिति गंभीर हो सकती है।
गांव फुरलक में पिछले काफी दिनों से बुखार का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। गांव में कोई ही घर ऐसा बचा हुआ है, जहां पर कोई न कोई बुखार से पीड़ित न हो। गांव में निर्मला (42 साल) व 13 वर्षीय बच्चे को डेंगू बुखार होने की पुष्टि परिजनों ने की है। निर्मला के पति रामकरण ने बताया है कि उसकी पत्नी को कई दिन से बुखार है, जिसका उपचार चल रहा है। डॉक्टरों ने उसकी पत्नी को डेंगू की पुष्टि की है। ग्रामीण वीरेंद्र ने बताया है कि उसके पौत्र सौरव को पिछले एक माह से बुखार था। कुछ दिन पहले सौरव को इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया था। जहां डॉक्टरों ने उसको डेंगू बताया। ग्रामीणों का कहना है कि बुखार में कई लोगों की प्लेटलेट्स कम होने की पुष्टि हुई है।
ये ग्रामीण हैं बुखार से पीड़ित
ग्रामीण संदीप कुमार, जसबीर सिंह, सुभाष, रिंकू, पवन, विकास आदि ने बताया है कि गांव में पंडित हरीश, रामकरण, रामऋषि, प्रकाशी देवी, वर्षा पान्नू, नरेंद्र, रितिका, पूर्णचंद, सोना देवी, संजय, बबलू, जितेंद्र, हरेंद्र, साक्षी के अलावा लगभग साढ़े तीन सौ महिला, पुरुष व बच्चे वायरल बुखार से पीड़ित है। ग्रामीणों का कहना है कि बुखार से पहले उनको थोड़ी ठंड लगती है और उसके बाद वे बुखार की चपेट में आ जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में एक दो बार पंचायत ने फॉगिंग करवाई है, लेकिन उससे कोई खास असर नहीं हुआ। गांव के बाहर गंदगी भी फैली हुई है। ग्रामीणों ने बताया है कि गांव में स्वास्थ्य विभाग को शीघ्र ही मच्छर मारने वाली दवाई का छिड़काव करवाना चाहिए। समय रहते डॉक्टरों की टीम ने गांव का दौरा नहीं किया तो स्थिति ओर भी गंभीर हो सकती है।
मेडिकल कॉलेज में बढ़ी मरीजों की संख्या
कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में पहले जहां 2000 के करीब मरीजों की ओपीडी थी, अब अचानक 2500 को पार कर गई है। खास बात ये है कि इनमें बुखार, खांसी और जुकाम के मरीज ज्यादा हैं। मेडिसन विभाग में मरीजों की लंबी लाइनें लगी हैं। इसके साथ ही सिविल अस्पताल में मरीजों की संख्या 1200 के करीब चल रही है। यहां पर भी मेडिसन विभाग के मरीजों की संख्या 400 के पार है। इस बारे में मेडिकल कॉलेज के डिप्टी सुपरिटेडेंट डॉ. मनीष परूथी ने कहा कि बदलते मौसम में बीमार होने के चांस ज्यादा होते हैं। इसलिए ही मरीज ज्यादा बढ़ रहे हैं।
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गांव में बुखार काफी फैल रहा है। स्थिति को देखते हुए दो-तीन बार फॉगिंग करवाई है और इसी के साथ गांव में सफाई का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। बावजूद इसके गांव में बुखार के मामले बढ़ते जा रहे है। गांव में सरकार की ओर से कोई स्वास्थ्य सुविधा नहीं है। लोगों को इलाज करवाने के लिए प्राइवेट अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है।
-राकेश कुमार, सरपंच प्रतिनिधि, फुरलक
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वायरल बुखार की शिकायतें मिल रही है। फुरलक में यदि इतने ज्यादा संख्या में लोग बीमार है तो मैं कल ही टीम भेजकर चेक करवाती हूं। मरीजों की ब्लड स्लाइड बनाई जाएगी। बीमारियों से बचने के लिए लोगों को जागरूक होना होगा।
-सरोजबाला, डिप्टी सीएमओ, करनाल