करनाल। रंगदारी और फायरिंग की 17 महीनों में हुई 16 वारदात में जिन गैंगस्टरों की संलिप्तता पाई गई, उनमें से कोई भी पुलिस के हाथ नहीं आया है। स्थानीय स्तर पर फायरिंग करने वाले 35 बदमाशों को गिरफ्तारी के बाद जेल भेजा जा चुका है। देश-विदेश में छुपे हुए इन वांछित मुख्य आरोपियों के करनाल पुलिस ने लुकआउट व रेड नोटिस जारी किए हैं।
करनाल में अप्रैल, 2024 से लेकर अब तक लॉरेंस बिश्नोई, भानू राणा, काला राणा, बंबीहा, दिलेर कोटिया, गोल्डी बराड़ और कौशल चौधरी के नाम पर वारदात को अंजाम दिया गया। इनमें से 10 में लॉरेंस बिश्नोई, भानू राणा, काला राणा और बंबीहा गैंग का हाथ मिला। दो सितंबर को शराब ठेके पर हुई वारदात में भी लॉरेंस बिश्नोई के अमेरिका में बैठे गुर्गे अर्शदीप का नाम सामने आया है। इस मामले में करनाल और कुरुक्षेत्र पुलिस के साथ बदमाशों की मुठभेड़ भी हुई। गिरफ्तार किए चारों आरोपियों ने ही खुलासा किया। जबकि इससे पहले सोशल मीडिया पर रोहित गोदारा गोल्डी बराड़ गैंग ने वारदात की जिम्मेदारी ली थी।
खास बात यह भी है कि गैंगस्टरों ने रंगदारी व फायरिंग की वारदात को अंजाम देने के लिए जिन बदमाशों को भेजा, उनकी उम्र 16 से 28 साल तक है। आर्थिक रूप से कमजोर, कम पढ़े-लिखे इन आरोपियों ने शराब के नशे और रुपयों के लालच में आकर वारदात को अंजाम दिया। इनके माध्यम से 50 लाख रुपये से लेकर एक करोड़ रुपये तक की रंगदारी मांगी गई। गैंगस्टर जीटी बेल्ट के सभी जिलों में सक्रिय हैं। इनके निशाने पर पहले इमीग्रेशन सेंटर संचालक आए, इसके बाद डॉक्टर, प्रॉपर्टी व कार डीलर, कपड़ा व्यापारी, ज्वेलर्स, मोबाइल शोरूम संचालक और अब शराब कारोबारी भी हैं।
तीन माह में दबोचे 18 बदमाश
जुलाई से लेकर 10 सितंबर तक पुलिस ने तीन माह में मुठभेड़ के बाद अलग-अलग मामलों में संलिप्त 18 बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। शराब ठेके पर फायरिंग मामले में कुरुक्षेत्र निवासी शंटी उर्फ आकाश, रंबा निवासी रवि उर्फ निंजा, प्रिंस और तखाना गांव के मोहित को गिरफ्तार किया गया। दो जून को मोबाइल शोरूम पर फायरिंग मामले में 16 जुलाई तक भानू राणा गैंग के आर्यन व राहुल (बालसमंद), अंकित (रावलवास), अमित (सरसाना) और दौलत राणा को, 13 जून को बलड़ी बाईपास से भानू राणा गैंग के सेक्टर-13 निवासी दीपेंद्र और अदम्य को हैंडग्रेनेड के साथ गिरफ्तार किया गया।
27 जून को शाहबाद के अमन ढाबा पर फायरिंग मामले में 15 जुलाई तक कौशल चौधरी गैंग के सौहार्द उर्फ शिवम, पारस, मुलाना निवासी विवेक सैनी, जगाधरी के रोहित भोला व हेमंत, यमुनानगर के पलविंदर सिंह, पाबना के प्रिंस कुमार और मेहलावाली गांव के जोत सिंह को गिरफ्तार किया। इनमें से अधिकांश की उम्र 25 वर्ष से कम है।
वारदात में आया गैंग का नाम
- 30 अप्रैल, 2024 को दिलेर कोटिया के नाम से कालरम निवासी युवक पर गोलियां चला एक करोड़ रुपये मांगे गए, 3 गिरफ्तार हुए।
- 5 जून को कर्ण कैनाल के दो इमीग्रेशन केंद्रों पर गोलियां चलाने वाले दो आरोपी पकड़े गए, एक करोड़ रुपये मांगे गए थे।
- 23 जून को गोल्डी बराड़ के भाई के नाम से इमिग्रेशन सेंटर पर गोलियां चलाकर एक करोड़ मांगे। दो आरोपी गिरफ्तार किए।
- 7 अगस्त को अमेरिका में बैठे भानू राणा के नाम से श्रीरामचंद मेमोरियल अस्पताल के डॉक्टर से एक करोड़ रुपये मांगे, तीन गिरफ्तार।
- 7 अगस्त को लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर कॉल करके तरावड़ी के प्रॉपर्टी डीलर से 50 लाख रुपये मांगे।
- 25 अगस्त को कार डीलर से कॉल करके 50 लाख रुपये मांगे गए।
- 6 सितंबर को भानू राणा के बदमाशों ने इंद्री में फास्ट फूड मालिक के घर पर फायरिंग करके 50 लाख रुपये मांगे।
- 2 अक्तूबर को भानू राणा के नाम से इंद्री में कपड़ा व्यापारी को व्हाट्सएप पर कॉल करके 50 लाख रुपये मांगे।
- 28 अक्तूबर को घरौंडा के जेएमडी शोरूम पर फायरिंग में काका राणा और दो अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज हुआ।
- 5 जनवरी, 2025 को काका राणा के शूटरों ने राज ज्वेलर्स के मालिक के घर पर गोली चलाकर एक करोड़ रंगदारी मांगी।
- 7 जनवरी को काका राणा के शूटरों ने जेएमडी शोरूम पर दोबारा फायरिंग की।
- 2 जून को भानू राणा और भाऊ गैंग के शूटरों ने नागपाल मोबाइल शोरूम के बाहर फायरिंग करके रंगदारी मांगी।
- 13 जून को बलड़ी बाईपास के पास भानू राणा के दो गुर्गों से हैंड ग्रेनेड मिला।
- 27 जून को शाहबाद के अमन ढाबा फायरिंग मामले में कौशल चौधरी गैंग के सौहार्द और पारस करनाल में पकड़े गए।
- 8 अगस्त को सेक्टर-13 निवासी फूड लैब कंपनी के मालिक से पाकिस्तानी नंबर से व्हाट्सएप पर मैसेज भेजकर दो करोड़ रुपये मांगे।
- 2 सितंबर को लॉरेंस के गुर्गे अर्शदीप के कहने पर झंझाड़ी के शराब ठेके पर दो बदमाशों ने फायरिंग की। मुठभेड़ में चार गिरफ्तार किए गए।
कुछ आरोपियों पर इनाम भी घोषित
करनाल जिले में हुईं वारदात में जो भी आरोपी वांछित हैं और विदेश में हैं तो उनके लिए लुकआउट नोटिस और रेड नोटिस जारी किए गए हैं। कुछ आरोपियों पर इनाम भी घोषित किया है। विदेश में बैठे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए इंटरपोल प्रक्रिया भी चल रही है। - गंगाराम पूनिया, एसपी करनाल