- मृतकों में 135 पुरुष, 16 महिलाएं व पांच बच्चे शामिल, फोन व इयरफोन के उपयोग से हुए सबसे ज्यादा हादसे
- 155 में 99 की रेलवे हादसे में तो 39 ने ट्रेन के आगे कूद कर की आत्महत्या
अनुज शर्मा
करनाल। लोगों की लापरवाही के कारण रेल की पटरियां खून से लाल हो रही हैं। जिले के राजकीय रेलवे पुलिस थाने के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में सवा तीन सालों में 156 लोगों ने रेल की पटरी पर अपनी जान गंवाई है। इन 156 लोगों में 135 पुरुष, 16 महिलाएं और पांच बच्चे शामिल हैं। जीआरपी की ओर से जुटाए गए तथ्यों के अनुसार अधिकतर मौतों का कारण लापरवाही है।
जीआरपी थाना प्रभारी नरेश कुमार ने बताया कि पिछले तीन सालों में 156 लोगों ने ट्रेन की पटरी पर अपनी जान गंवाई है। 90 प्रतिशत हादसे लोगों की लापरवाही के कारण होते हैं। अधिकतर देखा जाता है कि इयरफोन या फोन सुनते समय रेलवे ट्रैक पार करना, दोनों ओर बिना देखे ही ट्रैक पार करना व अन्य लापरवाही सामने आ रही है। साथ ही जहां पर रेलवे प्रशासन की ओर से पुल की व्यवस्था की हुई है। वहां पर भी लोग पुल का उपयोग छोड़कर लाइन पार करते हैं जिस कारण हादसे बढ़े हैं। - संवाद
ट्रेन की पटरी पर जान गंवाने वालों पर एक नजर
वर्ष 2021 2022 2023 2024 कुल
रेलवे हादसा 28 36 26 09 99
आत्महत्या 11 12 15 01 39
हत्या 00 00 01 00 01
सामान्य मौत 01 07 08 00 16
पानी में डूबे 00 00 01 00 01
कुल 40 55 51 10 156
रेल की पटरी पर जान गंवाने वाले पुरुष, महिला और बच्चे
वर्ष 2021 2022 2023 2024 कुल
पुरुष 34 47 46 08 135
महिला 04 06 04 02 16
बच्चा 02 02 01 00 05
कुल 40 55 51 10 156
पहचान और बिना पहचान वाले मृतक
वर्ष 2021 2022 2023 2024 कुल
ट्रेस 34 38 37 10 119
अन-ट्रेस 06 17 14 00 37
कुल 40 55 51 10 156