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कैदी को छुड़वाने वाले हैं लारेंस बिश्नोई गिरोह के गुर्गे, अब गैंगवार की आशंका

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करनाल। नये बस स्टैंड पर दो पुलिस कर्मचारियों को गोली मारकर कैदी सुनील उर्फ खीरा को छुड़वाने के मामले में पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद पुलिस ने तीनों बदमाशों की पहचान करने का दावा किया है। करनाल पुलिस का दावा है कि बदमाश सुनील को छुड़वाने वाले लारेंस बिश्नोई गैंग के गुर्गे हैं और फिल्मी स्टाइल में वारदात करने में विश्वास रखते हैं। इस वारदात को भी बदमाशों ने उसी तर्ज पर अंजाम दिया है।
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पुलिस की छह टीमें बदमाशों की तलाश में जुटी हैं। पुलिस का ये भी दावा है कि ये बदमाश आसपास के इलाके से ही हैं और किसी खास मकसद के तहत कैदी छुड़वाकर फरार हुए हैं। आशंका है कि कुरुक्षेत्र, यमुनानगर और करनाल में बदमाश किसी वारदात को अंजाम दे सकते हैं। इसके अलावा, गैंगवार की आशंका जताई जा रही है। बताया जाता है कि सुनील और जबरा गैंग के सदस्यों की आपस में शुरू से ही अनबन चल रही है। हालांकि, जबरा पिछले दिनों में मुठभेड़ के दौरान मारा गया था। उधर, तीनों जिलों की पुलिस अलर्ट हो गई है और लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।
बता दें कि मंगलवार दोपहर को नए बस स्टैंड पर तीन बदमाशों ने पुलिस कर्मचारियों को गोलियां दाग दीं और कैदी सुनील को साथ लेकर फरार हो गए। सुनील लूट के मामले में सात साल की सजा काट रहा है, जबकि करनाल में वर्ष 2016 में किए सुशील हत्याकांड में ट्रायल चल रहा है। अभी इस मामले में अदालत का फैसला आना है। मंगलवार को सुशील की हत्या के मामले में ही सेशन कोर्ट में सुनील को पेशी पर लाया गया था।
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वारदात के बाद जिला पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली है, जिसमें अदालत परिसर के अंदर पुलिस के पीछे-पीछे एक संदिग्ध युवक चल रहा है। इसके अलावा, आईटीआई चौक, इंद्री पर भी एक-एक संदिग्ध युवक दिखाई दिया है। पुलिस को आशंका है कि ये तीनों ही आरोपी सुनील को छुड़वाने वाले हैं। इसके अलावा, बस स्टैंड से बरामद की गई एक संदिग्ध बाइक और पिस्तौैल की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में पाया है कि ये बदमाश लारेंस बिश्नोई गुर्गे हैं। आशंका है कि ये बदमाश किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। उधर, सुरक्षा के लिहाज से सुशील की पत्नी मुनेश को पुलिस ने सुरक्षा मुहैया करा दी है।

राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में सक्रिय है गिरोह
जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई के गैंग राजस्थान, पंजाब, हरियाणा में सक्रिय है। गिरोह हथियार भी सप्लाई कर रहा है। लॉरेंस की गिरफ्तारी के बाद गिरोह टूट गया था, लेकिन लॉरेंस के बाद संपत नेहरा ने गिरोह की कमान संभाल ली और नेहरा भी गिरफ्तार कर लिया गया, अब गिरोह को राजू बसौदी चला रहा है। पुलिस के अधिकारी बताते हैं कि बस स्टैंड पर बदमाशों के कब्जे से मिली पिस्तौल भी इस बात का संकेत दे रही है कि बदमाश लारेंस गैंग के सदस्य हैं, क्योंकि वो कोई देसी कट्टा नहीं है, बल्कि अच्छी क्वालिटी का हथियार है और ये गिरोह इसी प्रकार के हथियार सप्लाई करता है।

छह टीमें कर रही छापामारी : एसपी
इस बारे में एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया का कहना है कि पुलिस को कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर तीनों बदमाशों की पहचान की गई है, लेकिन अभी उनके नाम डिसक्लोज नहीं किए जा रहे हैं। पुलिस की छह टीमें छापामारी कर रही हैं, साथ ही साइबर सेल के एक्सपर्ट में भी लगे हैं। आसपास के इलाकों समेत, यूपी, दिल्ली में भी टीमें भेजी गई हैं। आशंका है कि बदमाश सुनील किसी खास मकसद से भागा है। बदमाश किसी भी तरह की वारदात को अंजाम न दे सकें, इसलिए आसपास के जिलों की पुलिस को भी अलर्ट कर दिया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही बदमाशों को काबू किया जाएगा।
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