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आरोपियों को पकड़वाने के लिए डॉक्टर के परिजनों ने सदर बाजार चौकी में किया दो घंटे हंगामा

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करनाल। सदर बाजार में रात को करीब दो घंटे मृतक डॉ. पूपिंद्र सिंह के परिजनों ने प्रदर्शन किया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। परिजनों का कहना है कि डॉ. पूपिंद्र सिंह की हत्या के आरोपी अपने घर आए हुए थे, जिन्हें पुलिस गिरफ्तार नहीं कर रही है, वहीं डॉ. पूपिंद्र सिंह के बेटी ने आरोप लगाया कि जब वह हत्या के आरोपियों की सूचना देने सदर बाजार चौकी गई तो वहां के इंचार्ज जगदीश पांडेय ने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इस बात को लेकर परिजन और भड़क गए और उन्होंने सदर बाजार चौकी में भी प्रदर्शन किया। सूचना मिलने पर डीएसपी सिटी बलजिंद्र सहित थाना सिटी, सदर व सिविल लाइन मौके पर पहुंच और परिजनों को समझाने का प्रयास किया लेकिन परिजन नहीं माने। इसके बाद पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लिया तो परिजन शांत हुए। इससे पहले आरोपी जीटी रोड जाम करने के लिए भी जाने के लिए तैयार थे। करीब दस मिनट तक पुलिस ने सदर बाजार चौकी का गेट बंद रखा।

ये है मामला
मृतक डॉ. पूपिंद्र की बेटी करमिंद्र कौर के अनुसार उसके पिता डॉ. पूपिंद्र आयुर्वेदिक डॉक्टर थे। उसके पिता ने सितंबर 2018 में पड़ोसी तेजिंद्र को बाइक बेची थी। करीब दस दिन बाइक चलाने के बाद तेजिंद्र ने बाइक वापस देने को कहा। उसके पिता ने एक हजार रुपये मंदिर में देने को कहा और बाइक वापस ले ली। 28 सितंबर 2018 को जब उसके पिता डॉ. पूपिंद्र सुबह सैर करने जा रहे थे तो रंजिश रख रहे तेजेंद्र सिंह, अमृत सिंह, मनजीत कौर, रोहित, हैप्पी, रेखा, राजू ने गंडासी, लाठी व डंडों से उसके पिता पर हमला कर दिया। उसके पिता को सिर से लेकर पांव तक कई चोटें मारी। डॉक्टरों ने उसके पिता को चंडीगढ़ रेफर कर दिया था। उसके पिता के जख्मों में इंफेक्शन हो गया था और 30 अप्रैल 2019 को उसके पिता की मौत हो गई। सीएम से मिलने पर पुलिस ने हत्या की धाराएं लगाई हैं। मृतक की बेटी करमिंद्र कौर ने सदर बाजार चौकी प्रभारी जगदीश पांडेय के खिलाफ शिकायत दी है कि उसने उसके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया है।
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कोर्ट में यह मामला चला हुआ है उसके आदेश पर ही गिरफ्तारी होगी : डीएसपी
डॉ. पूपिंद्र का मामला कोर्ट में चल रहा है, कोर्ट के आदेश पर ही इन आरोपियों की गिरफ्तारी होगी। क्योंकि पहले इन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इस मामले की जांच सीआईए-3 को सौंप दी है और दोबारा से बोर्ड से जांच के भी निर्देश दे दिए हैं। पहले बोर्ड में सामने आया था कि डॉ. पूपिंद्र की मौत किडनी फेल होने से हुई थी।
-बलजिंद्र सिंह, सिटी डीएसपी करनाल।
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