- हैप्पी कार्ड देने घर पहुंचे रोडवेज कर्मचारी तो पता चला उनकी हो चुकी मौत, अब कार्ड किए जा रहे रद्द
- 118981 लाभार्थियों के बन चुके कार्ड
- 109725 लाभार्थियों को मिल चुके हैप्पी कार्ड
गगन तलवार
करनाल। कर्णनगरी के सैकड़ों लाभार्थियों का हैप्पी कार्ड से रोडवेज की बसों में नि:शुल्क सफर करने का सपना पूरा नहीं हो पाया। 153 लाभार्थियों की जहां मौत हो चुकी है, वहीं 145 युवाओं की सरकारी नौकरी लग चुकी है। योजना में पात्र होने पर इन लोगों ने हैप्पी (हरियाणा अंत्योदय परिवार परिवहन योजना) कार्ड के लिए आवेदन किया था। जब 153 लाभार्थी कार्ड बनने के बाद रोडवेज के कार्यालय में इन्हें लेने नहीं आए तो विभाग की टीम उनके घर पर कार्ड देने पहुंची। तब पता चला कि कोई बुजुर्ग होने के कारण तो किसी की बीमारी या अन्य कारण से मौत हो चुकी है। अब ऐसे लाभार्थियों के परिवार के अन्य सदस्यों के कार्ड तो टीम ने उन्हें थमा दिए, जबकि इनके कार्डों को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सरकार ने मार्च 2024 में एक लाख रुपये तक की आय वाले परिवारों के लिए हरियाणा रोडवेज में नि:शुल्क यात्रा देने की योजना शुरू की थी। तब से अब तक 118981 लाभार्थियों के कार्ड बनाए जा चुके हैं। इनमें से 109725 लाभार्थियों को कार्ड दे दिए हैं। जबकि 9256 लाभार्थी ऐसे हैं, जिन्हें अभी तक कार्ड नहीं मिले या वे लेने नहीं आ रहे।
145 कार्ड धारक युवाओं की लगी सरकारी नौकरी
हैप्पी कार्ड काउंटर के प्रभारी वेद शर्मा और जगपाल के अनुसार, लाभार्थियों तक न पहुंचने वाले 9256 में 145 कार्ड ऐसे भी हैं, जो युवाओं के थे। इन युवाओं की सरकारी नौकरी लग चुकी है। ऐसे में आय के हिसाब से और नौकरी लगने के बाद वे पात्रता से बाहर हो गए हैं। इन परिवारों ने भी कार्ड लेने से मना कर दिया है। इनमें सभी खंडों के लाभार्थी शामिल हैं। इसके अलावा लंबित पड़े कार्डों में से करीब 300 कार्ड ऐसे भी हैं, जिनके लाभार्थी या तो विदेश चले गए हैं या उनके घर का पता बदल गया है।
बेटी के घर जाना चाहती थी संतोषी
कुंजपुरा की संतोषी और उत्तम नगर के हरिओम के निधन के बाद उनका हैप्पी कार्ड बनकर घर पहुंचा। घर पहुंची रोडवेज टीम को संतोषी के परिवार ने बताया कि कार्ड मिलने के बाद उन्हें अपनी बेटी के यहां सोनीपत जाना था। हालांकि वे पहले भी कई बार जा चुकी थीं।
लिपिक के पद पर लगी नौकरी
शिव कॉलोनी की प्रियंका और इंद्री के अंकुश कांबोज की सरकारी नौकरी लगी है। लिपिक बनी प्रियंका के परिवार ने हैप्पी कार्ड लेने से मना कर दिया। इसके अलावा सेक्टर-4 के मनोज और शिवम विदेश चले गए हैं। इसी तरह 142 लाभार्थियों की नौकरी लगी है।
9256 लाभार्थी अपना हैप्पी कार्ड लेने नहीं पहुंचे। इनमें से 153 लाभार्थियों की मौत हो चुकी है। जबकि 145 युवाओं की सरकारी नौकरी लग गई है। ऐसे में इनके कार्ड निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
- कुलदीप सिंह, जीएम रोडवेज