अमर उजाला ब्यूरो
करनाल, असंध । नियम 134-ए के तहत दाखिला लेने के वाले अभिभावकों को जिन स्कूलों में उनके बच्चे पहले पढ़ रहे थे, उन्होंने भी परेशान करना शुरू कर दिया है। ऐसे स्कूल बच्चों के रिलीविंग सर्टिफिकेट जारी करने के नाम पर फीस मांग रहे हैं। परेशान अभिभावक बीईओ व डीईओ कार्यालय के चक्कर भी काट रहे हैं। अभिभावक लालचंद, कविता और सुमन ने ताया कि स्कूल अप्रैल और मई माह की फीस उनसे मांग रहे हैं। जबकि बच्चों का स्कूल में दाखिला भी नहीं हुआ, तो उन्हें हम फीस किस नाम की दें। इसे लेकर पहले भी डीईओ राजपाल को शिकायत कर चुके हैं। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
स्कूल संचालक बोले, एडमिशन कराना है, तो देनी होगी पूरी फीस
नियम 134ए के तहत परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थियों का निजी स्कूलों में दाखिला करवाने के लिए अभिभावक स्कूल के चक्कर काट काट कर परेशान हो चुुके है। लेकिन स्कूल फीस भरने की मांग पर अड़े हुए हैं। सालवन के दिल्ली हैरिटेज इंटरनेशनल स्कूल में दाखिला करवाने गए गांव फफड़ाना निवासी सुखीराम ने बताया कि स्कूल संचालक ने उनसे बच्ची के दाखिले की एवज में फीस देने की बात कहकर दाखिला नहीं दिया। वहीं अभिभावकों ने दो दिन पूर्व उक्त स्कूल की बीईओ को शिकायत की थी। बीईओ श्यामलाल के आदेश के बाद भी उक्त स्कूल ने बच्चों को दाखिला नहीं दिया।
पात्रता परीक्षा पास की तो क्यों दें फीस : अभिभावक
गांव फफड़ाना के सुखीराम, चांदप्रकाश, रामनिवास और कूडलन निवासी विनोद कुमार ने बताया कि उनके बच्चों ने नियम 134 ए की पात्रता परीक्षा पास की थी। वह दाखिला करवाने के लिए सालवन के दिल्ली हैरिटेज इंटरनेशन स्कूल में गए थे। अभिभावकों ने बताया कि स्कूल संचालक 6 हजार रुपये सालाना फीस व 15 सौ रुपये प्रति माह फीस देने की शर्त पर दाखिला देने की बात कह रहे हैँ। अभिभावकों ने बताया कि अब वह सोमवार को करनाल जिला शिक्षा अधिकारी और सेकेंडरी एजूकेशन निदेशालय पंचकूला को शिकायत करेंगे।
दाखिला नहीं दिया तो विभाग को भेजेंगे शिकायत : बीईओ
बीईओ श्यामलाल ने बताया कि जिन विद्यार्थियों ने नियम 134 ए की परीक्षा पास की है। छठी से आठवीं कक्षा तक किसी तरह की कोई भी फीस नहीं देनी है। उन्होंने स्कूल संचालक को दाखिला देने के आदेश दिए हैं। अगर फिर भी दाखिला नहीं किया जाता तो वह विभाग के उच्चाधिकारियों को उक्त स्कूल की शिकायत भेजेंगे।