फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

15 एमएम बारिश के आगे प्रशासन के दावे फेल

Sun, 03 Jul 2016 12:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल
विज्ञापन
बस स्टैंड में भरा बारिश का पानी - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन
मानसून ने जिले में शुक्रवार से दस्तक दे दी है। शुक्रवार रात से शुरू बारिश शनिवार देर शाम तक जारी रही। शनिवार को दिनभर रुक रुककर हुई बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया। बारिश की वजह से तापमान में आई गिरावट से लोगों को काफी हद तक गर्मी से राहत मिली है। तेज आंधी की वजह से कई जगह पेड़ और बिजली के खंभे टूट गए जिससे कई गांवों की बिजली गुल रही। चंद घंटों में ही जिले में हुई 15 एमएम बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। जबकि प्रशासन के जलनिकासी के दावों की पोल खुल गई। वहीं सिंचाई के अभाव में धीमी गति से चल रहा धान रोपाई का काम इस बारिश के साथ ही तेज हो गया है। मौसम विभाग ने इस बार अच्छी बारिश की संभावना जताई है। जिसकी शुरूआत 1जुलाई से हो गई है।
विज्ञापन


हालांकि बारिश की वजह बिजली लाइनों में फाल्ट आने से लोगों की परेशानियां जरूर बढ़ी हैं। इसके अलावा शहर के निचले क्षेत्र में जलभराव की समस्या से लोग परेशान हैं।
शुक्रवार को दिनभर भीषण गर्मी के बाद आसमान की ओर टकटकी लगाए लोगों ने उस समय राहत की सांस ली जब रात को करीब आठ बजे पूर्व दिशा की ओर से चली तेज हवाओं ने जिले में दस्तक दी और कुछ ही देर में आसमान में बिजली कौंध व बादलों की गड़गड़ाहट शुरू हो गई। देर राततक आसमान में काले बादल छाए रहे। सुबह करीब चार बजे जिले के आसपास के कस्बों में जमकर बारिश हुई। हालांकि शहर में अभी तक तेज बारिश नहीं हुई है। मौसम विभाग ने अब तक जिले में 15 एमएम बारिश दर्ज की है। बारिश की वजह से सूख रही धान की फसल को संजीवनी मिली है तथा धान रोपाई का कार्य भी तेज हो गया है। बारिश से जहां एक तरफ लोगों को राहत मिली है। वहीं बिजली की लाइनों पर पेड़ों की टहनियां गिरने से आए फाल्टों की वजह से दर्जनों के बिजली रातभर गुल रही। शहर के भी दर्जनों फीडर घंटो तक बंद रहे । हालांकि निगम की ऑपरेशन टीमों ने कड़े प्रयासों ने शाम तक कई फीडरों को चालू कर दिया, लेकिन सभी फीडरों पर बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई।
विज्ञापन


निगम प्रशासन के दावे फेल, जलभराव से परेशानी
मानसून की पहली बारिश ने ही निगम प्रशासन के दावों की पोल खोल दी है। जिले के अन्य कस्बों से भी कम हुई बारिश ने ही सड़कों को पानी से लबालब कर दिया। शहर में अधूरे पड़े निर्माण कार्यों की वजह से फैले कीचड़ ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी। लोगों को लिए शहर में पैदल चलना मुश्किल हो गया। लोगों को सबसे अधिक परेशानी निर्माणाधीन स्मार्ट सड़क से आने जाने में हुई। वाहन चालकों कीचड़ में से होकर गुजरना पड़ा। इसके अलावा पुरानी सब्जीमंडी के पास टूटी सड़क, रामनगर, प्रेमनगर और शहर की बाहरी कॉलोनियों में लोगों में रहने वाले लोगों को परेशानी हुई।

हार्वेस्टिंग सिस्टम ठप, नालों में बह गया हजारों लीटर पानी
प्रशासन के जल संरक्षण के दावों की भी पोल खुल गई। जिले में विभिन्न कार्यालयों में बने हार्वेस्टिंग सिस्टम भी ठप नजर आए। आसमान से बरसा शुद्ध पानी सीधा नालों में बह गया। प्रशासन द्वारा मानसून के आगमन से पहले पानी की निकासी व्यवस्था के दावे किए थे। लेकिन 15 एमएम बारिश ने प्रशासन के सभी दावों की पोल खोल दी है।
आंधी की वजह से टूटे पेड़, कई गांवों की बिजली गुल
बारिश और आंधी की वजह से ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में कई जगह पर पेड़ों की टहनियों के लाइनों पर गिरने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इससे गांव जड़ौली, मक्खु माजरा, मुगल माजरा, नलीपार, नलवी खुर्द, रसूलपुर, असजंध व घंराैंडा कस्बे के भी दर्जनों गांव में बिजली आपूर्ति बाधित रही। इसके अलावा शहर में भी बिजली कटों से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। शहर में हर घंटे में 15 से 20 मिनट तक बिजली कट लगते रहे। लोग बार-बार सुविधा केंद्र पर फोन कर अपनी शिकायत दर्ज करवाते रहे। ऐसे में बिजली कर्मियों की भी दिनभर फाल्ट ठीक करने के लिए भागदौड़ हुई।
वर्जन
जिले में अब तक 15 एमएम बारिश हो चुकी है। धान और गन्ने के लिए यह बारिश संजीवनी की तरह है। इस बार मानसून में अच्छी बारिश होने की उम्मीद है। इसलिए किसानों को धान की रोपाई में ज्यादा देरी नहीं करनी चाहिए ताकि बारिश के पानी का सदुपयोग हो सके।
विज्ञापन

-प्रदीप मील, कृषि उपनिदेशक करनाल।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें