एक घंटे बीस मिनट तक चली नगर निगम हाउस की बैठक में करीब 20 करोड़ रुपये
के 599 कार्यों के प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। कुल 20 पार्षदों में से
सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर समेत आठ पार्षदों की गैर मौजूदगी में
हाउस ने कुल 14 प्रस्तावों पर सहमति जताते हुए उन्हें पास कर दिया।
इनमें
प्रमुख रूप से शहर के 3 प्रमुख मार्गों पर 32 सिटर 6 नई सिटी बसें चलाना,
दूध की डेयरियों को गांव पिंगली में 32 एकड़ जमीन में स्थानांतरित करने व
शहर भर में करीब 9 हजार से अधिक एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाना आदि शामिल हैं।
बैठक में सबसे अहम मुद्दा 2010 से 2014 तक के हाउस टैक्स के एरियर पर लगे
ब्याज पर छूट दिलाए जाने के प्रस्ताव को भी सदन ने पारित कर दिया। विकास
भवन में हुई नगर निगम के पार्षदों की बैठक में मेयर रेणु बाला गुप्ता व
निगम आयुक्त सुमेधा कटारिया समेत 14 पार्षद मौजूद रहे। बैठक में कुल 14
प्रस्ताव रखे गए। इस दौरान बायोमैट्रिक मशीन, नए फायरबिग्रेड कार्यालय को
21 जून व नगर निगम की नई वेबसाइट को भी इसी दिन लांच करने के प्रस्ताव पर
भी सहमति बनी। शहर में आवारा कुत्तों से लेकर, बंदरों व सुअरों को पकड़वाने
के ठेके, कर्णताल को टूरिस्ट पैलेस बनाने, विधवा, निराश्रित सहित विशेष
कैटागिरी के लिए संपत्ति कर में छूट के प्रस्ताव को भी पास कर दिया गया।
नगर निगम आयुक्त ने जब इन करीब 599 कार्यों के टेंडर जारी करने के निर्देश
दिए तो तकनीकी अधिकारी ने एक दिन में इतने टेंडर निकाले जाने पर असमर्थता
जता दी। इस पर आयुक्त ने रोजाना 50-60 कार्यों के टेंडर निकालकर 8-10 दिनों
के भीतर सभी टेंडर जारी करने के निर्देश दिए।
तीन रूटों पर चलेंगी 6 नई बसें
पिछली
बैठक के बाद हाउस की इस बैठक में भी सिटी बसें चलाने के प्रस्ताव को हरी
झंडी दिखा दी गई। पिछली बार 12 रूटों पर छह बसें चलाए जाने का प्रस्ताव था,
लेकिन इस बैठक में 3 रूटों पर 6 नई सिटी बसें चलाने के प्रस्ताव को पारित
किया गया। यह बसें जेल से बूढ़ा खेड़ा, पालनगर से सेक्टर 6 और झंझाडी से
मधुबन तक चलाई जाने की योजना नगर निगम ने बनाई है। हालांकि रूट बदले भी जा
सकते हैं।
सिरसा पैटर्न पर खरीदी जाएंगी बसें
सीएम सिटी वासियों
को सुविधा देने के लिए 3 रूटों पर चलाई जाने वाली 6 बसें सिरसा पैटर्न पर
खरीदी जाएंगी। मुख्य वाणिज्य अधिकारी ने बताया कि सिरसा में नगर निगम
द्वारा खरीदी गई इन बसों से नगर निगम को साल में 25 लाख रुपये का फायदा
हुआ। इन बसों को खरीदने के लिए मेयर, डिप्टी मेयर व सीनियर डिप्टी मेयर की
कमेटी बनाई जाएगी।
हाउस टैक्स के ब्याज पर छूट का प्रस्ताव भी पास
1
लाख 36 हजार संपत्ति कर के बिलों को नगर निगम ने सेल्फ असेस्मेंट नहीं
भरने के कारण किसी भी करदाताओं को नहीं भेजा। ऐसे में किसी भी करदाता को
हाउस टैक्स के बिल नहीं मिले। इन करदाताओं पर नगर निगम ने 18 प्रतिशत का
ब्याज लगा दिया। अब करदाताओं का कहना है कि जब उन्हें बिल ही नहीं मिले तो
वह ब्याज क्यों दें? ऐेसे में लोगों की समस्या को सही मानते हुए नगर निगम
आयुक्त ने इस प्रस्ताव को हाउस की बैठक के लिए प्रस्तावित किया, जिसे सदन
ने मंजूरी दे दी। अब इस प्रस्ताव को मुख्यमंत्री के पास मंजूरी के लिए भेजा
जाएगा।
जब सुविधा नहीं तो अनप्रूवड कॉलोनियों में हाउस टैक्स क्यों?
पार्षदों
ने मुद्दा उठाते हुए कहा कि जब अनप्रवूड कॉलोनियों में नगर निगम एक भी
सुविधा नहीं देता तो उनसे हाउस टैक्स क्यों लिया जाता है। पार्षद कमलेश
लाठर ने भी इस मुद्दे को उठाया। इसका अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
बस इतना कहा कि विकास के लिए कुछ तो पार्षदों को सहयोग करना चाहिए।
9 हजार लाइटें लगेंगी मुफ्त, 7 साल मेंटेनेंस भी फ्री
सरकारी
उपक्रम ईईएसएल द्वारा नगर निगम में लगने वाली एलईडी लाइटों के प्रस्ताव को
भी पास कर दिया गया। इस सरकारी उपक्रम के तहत सभी लाइटें यह उपक्रम मुफ्त
में लगाएगा। इससे नगर निगम को 52 लाख रुपये का सालाना फायदा होगा। यह
लाइटें खुद ही समय अनुसार कम/ ज्यादा जलेंगी और इनके 7 साल की रिपेयरिंग का
कंपनी खुद खर्चा वहन करेगी। इन लाइटों को लगाने से जितनी भी बिजली की बचत
होगी उतनी राशि नगर निगम से कंपनी लेगी।
कचरे से बनेगी जैविक खाद और होगी आमदनी
- शहर भर में कूड़ा व घर-घर से कूड़ा अलग-अलग एकत्रित किया जाएगा, इससे जैविक खाद बनाया जाएगा।
- सड़क बनने से पहले ही तैयार होगा सीवरेज का खाका, सड़क नहीं तोड़ी जाएंगी।
- नगर निगम के सरकारी कर्मचारियों पर ठेके पर लगे कर्मचारियों के शोषण व प्रति माह एक हजार रुपये वसूली का आरोप पार्षदों ने लगाया।
- 13 अप्रैल को हुई बैठक में आयुक्त के निर्देश के बावजूद हुडा, जन स्वास्थ्य व बिजली निगम के अधिकारी बैठक में नहीं पहुंचे।