अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। कर्ण नगरी में बंदरों और कुत्तों का समाधान अभी तक नगर निगम कर नहीं पाया है, एक और चुनौती निगम के सामने आ गई है। निगम की लापरवाही के कारण अब शहर में चूहों की भरमार हो गई है। चूहे लगातार अपना काम कर रहे हैं, जबकि निगम इंतजार कर रहा है।
चूहों ने मुगल कैनाल फेज-1 के सभी पार्कों को खोद डाला है। पार्कों में लगाए गए पौधे चूहों ने कुरेद डाले हैं और अब बड़े बड़े बिल बना लिए हैं। इतना ही नहीं चूहों की संख्या लगातार बढ़ रही है और यहां के दुकानदारों को भी परेशान करना शुरू कर दिया है। साथ लगते सेक्टर 13 के निवासियों के घरों तक चूहे पहुंच रहे हैं। खास बात यह है कि एक तरफ मुगल कैनाल के पार्क उजड़ गए हैं, वहीं खुद निगम के आयुक्त इस तरह की जानकारी होने से इंकार कर रहे हैं।
बता दें कि मुगल कैनाल इस समय शहर की सबसे बड़ी मार्केट है और यहां पर बैकों समेत कई अन्य बड़ी कंपनियों के आफिस हैं। कार एसेसरीज की यह सबसे बड़ी मार्केट है और शहर के हर बड़े व छोटे परिवार के लोग यहां पर रोजाना आते हैं। मुगल कैनाल पर यह मार्केट उस समय की सबसे सुंदर बनाई गई थी और लोगों के बैठने के लिए अलग अलग ब्लॉक में पार्क तैयार किए गए थे। इस पर करोड़ों रुपये खर्च किया गया था। लेकिन अब नगर निगम इसकी देखभाल तक सही तरीके से नहीं कर पा रहा है। हालात ये है कि प्रति माह मुगल कैनाल के पार्कों के देखरेख के लिए डेढ़ लाख रुपये से ज्यादा खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन देखभाल के नाम पर कागजों के अलावा कुछ नहीं हो पा रहा है। यहां आकर लोग अब एक बात कहने लगे हैं कि, इसे मुगल कैनाल नहीं जवाब चूहा कैनाल कहिए।
पार्कों में पौधे नहीं नजर आते हैं बड़े बड़े बिल
मुगल कैनाल स्थित पार्क में चूहों ने खोदकर गहरे बिल बनाए हुए हैं। इन पार्कों में अब खास की बजाए मिट्टी ओर गहरे गड्ढे नजर आते हैं, इन पार्कों की सुंदरता को इन चूहों ने खराब कर दिया है। इतना ही नहीं इस चूहों ने मुगल कैनाल स्थित सभी दुकानदारों की नाक में दम किया हुआ है। ये चूहे इन दुकानों और ऑफिसों से सामान को उठाकर बिलों में घुस जाते हैं। रात को दुकानदार अच्छे से दुकान बंद कर घर जाते हैं और जब वह सुबह ऑफिस में आते हैं तो चूहे की ऑफिस में अफरा तफरी मचाकर रखते हैं, कागज सहित सोफे, कुर्सियों, रुपये भी कुतरे हुए मिलते हैं। इन चूहों को पकड़ व इन्हें मारने के लिए दुकानदारों से हर संभव प्रयास किए, लेकिन चूहे ऐसे ही बरकरार हैं।
पार्क हो चुके हैं बदहाल
नगर निगम मुगल कैनाल के पार्कों पर हर महीने देखरेख के नाम पर लाखों रुपये खर्च कर रहा है लेकिन यह रुपये कागजों में ही खर्च हो रहे हैं। इस बात का पता इन पार्कों की हालत देखकर लग रहा है। नगर निगम की लापरवाही के कारण मुगल कैनाल के पार्क में चूहों ने गहरे-गहरे बिल बनाए हुए हैं। पार्क बदहाल हो चुके हैं। पौधे खराब हो गए हैं, न तो इनको समय पर पानी मिल पा रहा है और न ही यहां पर साफ सफाई की जा रही है।
जानिए चूहों को गढ़ क्यों बना हुआ है मुगल कैनाल
मुगल कैनाल चूहों का गढ़ इस लिए बना हुआ है, एक तो यहा शहरवासी घर और दुकानों में पकड़े हुए चूहों को छोड़कर चले जाते हैं। दूसरा पुरानी सब्जी मंडी के क्षेत्र से ये चूहे मुगल कैनाल में आ गए हैं। इससे अलग गुरू हरकिशन स्कूल के चौक पर निगम की ओर से गंदगी का डंपिंग स्टेशन बनाया हुआ है, जिस कारण वहां सबसे ज्यादा चूहे हैं।
मैंने बंदर और कुत्ते सुने थे, अब चूहों को भी पकड़ना होगा : आयुक्त
इस बारे में नगर निगम के आयुक्त राजीव मेहता से जब बात की गई तो उन्होंने कहा कि हम तो बंदर और कुत्तों को पकड़ रहे थे, अब चूहों को भी पकड़ना होगा। आयुक्त ने चूहों की जानकारी होने से इंकार करते हुए कहा कि वे निगम के अधिकारियों को भेजकर चेक कराएंगे और इस बारे में संबंधित ठेकेदार और अधिकारियों से जवाब तलब किया जाएगा।