अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। प्रदेश में पहली बार सितंबर के पहले सप्ताह से (पीसीवी) न्यूमोकोकल कंजुगेट वैक्सीन टीकाकरण शुरू किया जा रहा है। प्रदेश सरकार अटल जीवन रक्षक टीकाकरण के तहत प्रदेश बजट से ही इस वैक्सीन को खरीद रही है, ताकि प्रदेश में शिशु मृत्युदर को कम किया जा सकते। देश में कुल शिशु मृत्युदर में एक तिहाई मृत्यु शिशुओं की निमोनिया के कारण होती है।
इससे पहले, 2017 के पहले चरण में यह टीकाकरण हिमाचल प्रदेश, बिहार, यूपी के कुछ जिलों में शुरू किया गया था, इसके बाद दूसरे चरण में मध्य प्रदेश, के साथ हिमाचल प्रदेश, बिहार, यूपी के और जिलों में यह टीकाकरण शुरू किया गया। अब हरियाणा सरकार अपने बजट से प्रदेश में यह टीकाकरण शुरू करने जा रही है, इसके लिए प्रदेश के सिविल सर्जन को चंडीगढ़ में दो दिन की ट्रेनिंग भी दी गई है। स्वास्थ्य विभाग की 2015 की रिपोर्ट के अनुसार निमोनिया के चलते एक हजार बच्चों में से 7 की मौत हो जाती है। इतना ही नहीं न्यूमोकोकल कंजुगेट वैक्सीन को 141 देशों ने सन 2000 से राष्ट्रीय टीकाकरण में शामिल किया हुआ है। निमोनिया से बचाव के लिए पीसीवी-13 व पीसीवी-10 दो तरह की वैक्सीन प्रयोग में लाई जाती है। भारत में निजी क्षेत्र में यह वैक्सीन 2006 में उपलब्ध हो गई थी। पीसीवी-13 की कीमत निजी क्षेत्र में करीब 4 हजार रुपये है। कीमत ज्यादा होने के चलते ही प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में इन टीकों को पहुंचने में 12 साल लग गए। बता दें कि यह टीका विदेशी कंपनी द्वारा ही बनाया जाता है।
नाक कान में पाया जाता है यह बैक्टीरिया
निमोनिया को स्ट्रेप्टो कोकस न्यूमोनिया भी कहा जाता है यह एक बैक्टीरिया होता है, जो स्वस्थ मनुष्य के नाक व कान में पाया जाता है। इस बैक्टीरिया से जहां निमोनिया होता है तो वहीं निमोनिया बैक्टीरिया, खून में इन्फेक्शन, दिमागी बुखार, कान में इन्फेक्शन, ब्रोक्काइरिस सहित अन्य बीमारियां हो सकती हैं। यह बीमारी पांच साल से कम बच्चे और बुजुर्ग व्यक्ति में होती है, क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है।
ये है बचाव
यह बैक्टीरिया व्यक्ति के खांसने व छींकने से फैलते हैं, इस लिए हर व्यक्ति को खांसने व छींकने के दौरान रूमाल या किसी अन्य कपड़े का प्रयोग करना चाहिए। ताकि ये बैक्टीरियां दूसरे के व्यक्ति के पास न पहुंचे। न्यूमोकोकल कंजुगेट वैक्सीन से बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी और यह वैक्सीन सभी बच्चों के लिए सुरक्षित है।
जिले में करीब 28 हजार बच्चों को तीन चरण में लगाया जाएगा यह टीका
जिले में करीब 28 हजार बच्चे पैदा होते हैं, इन्हीं बच्चों को यह तीन चरण में टीका लगाया जाएगा। पहले चरण में छह सप्ताह के शिशु को, फिर 14 सप्ताह के बच्चे को और फिर 9 महीने के बच्चे को यह वैक्सीन दी जाएगी। फिलहाल इस अभियान के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा मीटिंग की जाएगी।
वर्जन
प्रदेश सरकार ने प्रदेश बजट से न्यूमोकोकल कंजुगेट वैक्सीन खरीद कर टीकाकरण शुरू करने का निर्णय लिया हुआ है। इस बारे में चंडीगढ़ ट्रेनिंग भी दी गई है। सितंबर के पहले सप्ताह में यह टीकाकरण शुरू किया जाएगा, लेकिन इससे पहले एक मीटिंग की जाएगी और उच्च अधिकारियों के निर्देश पर होगी। उसी मीटिंग में टीकाकरण की पूरी रूपरेखा तैयार होगी और तारीख भी तय होगी।- डॉ. नीलम, डिप्टी सीएमओ करनाल।