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दो साल बाद शिक्षा विभाग ने बढ़ाया मिड डे मील का बजट

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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। दो साल बाद सरकार ने सरकारी स्कूलों में दिए जाने वाले मिड-डे मील के बजट में 5.35 प्रतिशत बढ़ोतरी कर दी है। जो एक जनवरी से लागू होगी। शिक्षा विभाग ने सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर दिया है। इससे पहले कक्षा 1-5 के एक विद्यार्थी पर प्रतिदिन 4.13 रुपये खर्च करने का बजट था जिसे विभाग ने बढ़ाकर 4.35 रुपये कर दिया है। इसी प्रकार कक्षा 6-8 के एक विद्यार्थी पर प्रतिदिन 6.18 रुपये खर्च करने का बजट था इसे भी विभाग ने बढ़ाकर 6.51 रुपये कर दिया है। बता दें जिले में 779 सरकारी स्कूल हैं। जिनमें 88385 विद्यार्थियों के लिए मिड-डे मील बनाया जाता है। इस बढ़े हुए बजट से मिड-डे मील की गुणवत्ता में बढ़ोतरी होगी।

मिड-डे मील में ये दिए जा रहे हैं व्यंजन
मिड-डे मील में निरंतर व्यंजनों में बढ़ोतरी की जाती है। अब मिड-डे मील में बच्चों को 200 एमएल दूध सप्ताह में तीन दिन दिया जा रहा है। इससे अलग खीर, पूड़ा, सब्जियों को पलाव, पौष्टिक खिचड़ी, काला चना पलाव, राजमा चावल, कड़ी पकड़ा, मिठ्ठे चावल, नारियल चावल, मौसमी सब्जी, रोटी दाल, घीया, सफेद चना, गेहूं, सोया, आलू पूरी, पौष्टिक दलिया, बाजरे की खिचड़ी, बाजरे के बिस्कुट, मूंगफली की चक्की, पूरी, गुलगुले आदि व्यंजन दिए जा रहे हैं।
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बाजार में सामान निरंतर हो रहा महंगा
स्कूलों में बच्चों का मिड-डे मील बनाने के लिए गैस सिलिंडर की आवश्यकता भी होती है। फिलहाल गैस सिलेंडर सब्सिडी सहित 830 रुपये में मिलता है। इसके अतिरिक्त अन्य खाद्य सामग्री के रेट भी निरंतर बढ़ रहे हैं, लेकिन दो साल तक विभाग ने मिड-डे मील के बजट में बढ़ोतरी नहीं की थी, जिस कारण स्कूल प्रबंधक में रोष था, क्योंकि महंगाई के अनुसार बजट बहुत कम था।
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सरकार ने मिड-डे मील बजट में बढ़ोतरी कर दी है। जो एक जनवरी से लागू हो जाएगा। बढ़ हुए बजट के अनुसार ही विद्यार्थियों को मिड-डे मील दिया जाएगा। इस बढ़े हुए बजट के अनुसार कक्षा एक से 5वीं के एक विद्यार्थी पर प्रतिदिन 4.35 रुपये और कक्षा 6 से 8वीं के एक विद्यार्थी पर प्रतिदिन 6.51 रुपये खर्च किए जाएंगे।-राजपाल, डीईईओ, करनाल।
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