यूपी के कुख्यात गैंगस्टर मुन्ना बजरंगी रामपूर की मदद से मिले थे आरोपियों को हथियार, भेजा जेल
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। पुलिस की एंटी स्नैचिंग टीम द्वारा कोहंड-असंध रोड पर दिल्ली के कृष्ण पहलवान की हत्या करने की योजना बनाने वाले चारों आरोपियों को पुलिस दो दिन का रिमांड पूरा होने पर कोर्ट में पेश किया। जहां से चारों आरोपियों को जेल भेज दिया है। आरोपियों से पुलिस ने तीन देसी पिस्तौल (नाइन एमएम, 32 बौर व 315 बोर) बरामद की। इसके साथ-साथ एक कार्टेज 32 बौर व एक 315 बौर भी बरामद की गई। एंटी स्नैचिंग स्टाफ के इंचार्ज प्रवीन कुमार ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि कृष्ण पहलवान की हत्या करने के लिए उन्होंने यूपी के कुख्यात गैंगस्टर मुन्ना बजरंगी रामपुर जिला जौनपुर यूपी से मदद ली थी। इस गैंगस्टर से आदित्य की मुलाकात तिहाड़ जेल में उस समय हुई, जब वह जेल में बंद अपने चाचा उदयवीर से मिलने गया था। उसके चाचा ने उसकी मुलाकात मुन्ना बजरंगी से करवाई थी। जिसने हत्या की साजिश के लिए आरोपियों को हथियार बरामद करवाए थे, लेकिन पिछले करीब 20 दिन पहले ही गैंगस्टर मुन्ना बजरंगी की जेल में हुई गैंगवार में हत्या कर दी गई है।
17 जुलाई को पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कोहंड से असंध रोड पर कुताना चौक के समीप बंद पड़ी तेल की फैक्टरी के सामने से बदमाश आदित्य, दिनेश उर्फ पैरट, रोहित वासी दिचाउ कलां जिला नजबगढ़ दिल्ली व रामपाल वासी रेरकलां जिला पानीपत को गिरफ्तार किया था। ये आरोपी लोगों के साथ लूटपाट करने की तैयारी में थे। पूछताछ के दौरान बदमाश आदित्य ने बताया था कि वह दिल्ली के कृष्ण पहलवान व भरत सिंह ने 2002 में उसके दादा सुरजमल व उसके ताऊ सुखबीर सिंह की हत्या करवा दी थी, जिसका बदला लेने के लिए उसने व उसके परिवार वालों ने मिलकर 2015 में पूर्व विधायक भरत सिंह की हत्या कर दी थी। वे सभी जेल में बंद है कृष्ण पहलवान की हत्या की जिम्मेवारी उसकी थी जिसकी हत्या के लिए योजना बना रहे थे।