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स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के लिए कंसल्टेंट नियुक्ति का रास्ता साफ, शहरी निकाय विभाग के प्रधान सचिव की मौजूदगी में पांच कंपनियों ने

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अमर उजाला ब्यूरो
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करनाल। करनाल स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के लिए कंसल्टेंट यानि पीएमसी की नियुक्ति का रास्ता अब साफ हो गया है, संभवत अगले माह अगस्त तक नियुक्ति का कार्य मुकम्मल हो जाएगा और इसके बाद करनाल स्मार्ट सिटी लिमिटेड कंपनी शहर को स्मार्ट बनाने के लिए अपना काम शुरू करेगी। गुरुवार को विकास सदन के सभागार में देश की 5 नामी कंपनियों ने सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की कमेटी के समक्ष टैक्नीकल बिड को लेकर अपनी-अपनी प्रेजेंटेशन दी। प्रेजेंटेशन देने वाली कंपनियों में गुरुग्राम आधारित के पीएमजी, फीडबैक इन्फ्रा प्राईवेट लिमिटेड, टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स लिमिटेड नोएडा, दिल्ली इंटीग्रेटिड मल्टी मॉडल ट्रांजिट सिस्टम लिमिटेड व रोडिक शामिल रही। दूसरी ओर कमेटी में शामिल शहरी स्थानीय निकाय विभाग के प्रधान सचिव आनन्द मोहन शरण, महानिदेशक नितिन यादव, फरीदाबाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड के प्रतिनिधि व अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोनिका गुप्ता, इलेक्ट्रोनिक्स व आईटी डिपार्टमेंट हरियाणा के एमडी के प्रतिनिधि वरिष्ठ कंसल्टेंट नवदीप गुप्ता व एडीसी निशांत यादव उपस्थित थे। इसके अतिरिक्त यूएचबीवीएन के एसई एसके रहेजा, जन स्वास्थ्य विभाग के एसईं रमेश कुमार के अतिरिक्त, एसई नगर निगम महिपाल, उप निगम आयुक्त रोहताश बिशनोई, कार्यकारी अधिकारी धीरज कुमार व सहायक आईटी प्रबंधक विकास गुप्ता भी उपस्थित रहे।
बता दें कि बीते सितंबर में पीएमसी की नियुक्ति के लिए जो टेंडर कॉल किए गए थे, उन्हें 8 दिसंबर को खोला गया था। इसके तहत 4 कंपनियां आई थी, जो शर्तें व मानदंड पूरा न कर सकने के कारण पात्र नहीं पाई गई थी। इसके पश्चात, बीती 15 मार्च को पुन: टेंडर किए गए और 25 अप्रैल को इसे खोला गया। इसके लिए 7 कंपनियों ने टेंडर भरे थे, जिनमें से 2 रिजेक्ट हुए और शेष 5 कंपनियों ने गुरुवार को विकास सदन में टैक्नीकल बिड को लेकर अपनी-अपनी प्रेजेंटेशन दी।
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आधे-आधे घंटे तक कंपनियों ने बताई अपनी खासियतें
प्रेजेंटेशन के लिए प्रत्येक कंपनी को बारी-बारी विकास सदन के अंदर बुलाकर आधे घंटे की प्रस्तुती का समय दिया गया। सभी कंपनियों ने तकनीकी समझ व कार्यशैली, भिन्न-भिन्न एक्सपर्ट की नियुक्ति, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के लिए क्या-क्या नयापन करेंगे व एबीडी यानि एरिया बेस्ड डेवलपमेंट के तहत क्या-क्या होगा, को लेकर प्रस्तुतीकरण दिया। इन सभी के 30 अंक निर्धारित किए गए थे।

70 अंक प्राप्त करने वाली कंपनी की फाइनेंसियल बिड खोली जाएगी
आयुक्त ने बताया कि टेक्निकल बिड के दो हिस्से हैं, पहला भाग डॉक्युमेंट का हैं, जिसके 70 अंक हैं और दूसरे भाग में प्रेजेंटेशन 30 अंक की है। उन्होंने बताया कि जो कंपनी तय किए गए अधिकतम 70 अंक प्राप्त करेगी, उसी की फाइनेंनशियल बिड खोली जाएगी, जो शीघ्र ही खोली जानी है। कंपनियों के कार्य व कॉस्ट को ध्यान में रखकर ही स्कोरिंग फाइनल की जाएगी। उन्होंने बताया कि इसके बाद जो कंपनी फाइनल होगी, उसके साथ नैगोशेशन की जाएगी, एग्रीमेंट होगा। इस प्रक्रिया में करीब एक-डेढ़ महीना लग जाएगा और फिर स्मार्ट सिटी करनाल को प्रोजेक्ट कंसल्टेंट मिल जाएगा।
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23 जून को स्मार्ट सिटी की लिस्ट में आया था करनाल
गौर हो कि बीती 23 जून को तीसरे राउंड व 30 शहरों वाली घोषित की गई सूची में करनाल स्मार्ट सिटी में शामिल हो गया था और सूची में यह 12वें स्थान पर था। स्मार्ट सिटी के लिए नगर निगम करनाल ने बीती जनवरी, 2017 से ही तत्कालीन आयुक्त व मौजूदा डीसी डा. आदित्य दहिया के मार्गदर्शन में अपनी तैयारियां शुरू कर दी थी। इसके लिए देश की चुनिंदा एजेंसियों में से एक क्रिसिल की नियुक्ति की गई थी, जिसके द्वारा 3 महीने तक कार्य करने के बाद 1295.81 करोड़ रुपये के कुल खर्चे वाली एक स्मार्ट सिटी प्रोपजल (एससीपी) तैयार की गई थी। इसके पश्चात, स्मार्ट सिटी के लिए बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का गठन, सीईओ व करनाल स्मार्ट सिटी लिमिटेड कम्पनी जैसी सभी प्रक्रियाएं पूरी की गई थी।
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