भारत बंद के दौरान दर्ज मामलों को वापस लेने के लिए किया प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। अनुसूचित जाति एकता मंच ने शुक्रवार को शहर में प्रदर्शन करते हुए दो अप्रैल को भारत बंद के दौरान अनुसूचित जाति के समाज के लोगों पर दर्ज किए गए मुकदमों को वापस लेने व गिरफ्तार लोगों को रिहा करने की मांग की। इसके बाद जिला सचिवालय में एडीसी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने 20 मार्च को एससी एसटी एक्ट में किए गए बदलाव के आदेश किए थे। इसके बाद अनुसूचित जाति समाज के लोगों ने दो अप्रैल को भारत बंद का आह्वान किया। इस मौके पर हरपाल सिंह चंदेल ने कहा कि भारत बंद के दौरान अनुसूचित जाति समाज के लोगों ने हरियाणा में शांतिपूर्वक प्रदर्शन किया था, लेकिन अनुसूचित जाति समाज कें लोगों को बदनाम करने की नियत से कुछ असामाजिक व शरारती तत्वों ने प्रदर्शन के बीच में आकर माहौल को खराब करने काम किया, जबकि कई शहरों में तो अनुसूचित जाति समाज के लोगों ने असामाजिक व शरारती तत्वों को ध्यान मेें रखते हुए गलत काम व गलत बयानबाजी करने से रोका। इसके बावजूद शांतिप्रिय प्रदर्शन कर रहे अनुसूचित जाति व समाज के लोगों को पुलिस द्वारा गिरफ्तार करके उनके खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज किए गए तथा असंध में 15 लोगों पर धारा 307 लगा दी गई है। ये लोग अभी भी जेल में हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक समाज व व्यक्ति को अपने हक व अपने अधिकारों को सुरक्षित रखने का अधिकार है। इससे पहले जिला सचिवालय के सामने सांकेतिक धरना दिया गया और सरकार से मांग की गई कि मुकदमे रद्द करके गिरफ्तार लोगों को छोड़ा जाए। धरने का संचालन जोगिंद्र वाल्मीकि ने किया।
इस अवसर पर जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से प्रधान नफे सिंह मान, जाट सेवा संघ के प्रधान जोगिंद्र संधु, संघर्ष समिति हलका असंध प्रधान दिलबाग सिंह ने धरना स्थल पर पहुंचकर धरना प्रदर्शन में सहयोग किया और न्याय दिलवाने के लिए साथ खड़े रहने की बात कही। इस मौके पर युवा प्रदेश अध्यक्ष महिंद्र थाना, वरिष्ठ उपप्रधान जोगिंद्र वाल्मीकि, कर्मपाल बांगड़, जयभगवान, हरि सिंह सरपंच, राजकुमार नंबरदार, तुलीराम सरपंच, अशोक दुग्गल, अमरजीत वाल्मीकि, राजेश वैध, मेहर लाल, राजकुमार वाल्मीकि, कैलाश वाल्मीकि, रामनिवास मोहड़ी, मुकेश वाल्मीकि वकील, जीत सिंह, शेर सिंह, धर्म सिंह, जयपाल सिंह, बलजीत फौजी, संतोष रानी, उषा देवी, रवि सौदा, कर्मपाल चोपड़ी आदि मौजूद रहे।