निजी स्कूलों ने बढ़ाई 30 फीसदी फीस, अभिभावक एकता संघ ने जताया विरोध
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। निजी स्कूलों ने इस बार पांच से 30 प्रतिशत तक फीस बढ़ाई है। अभिभावक एकता संघ ने इसकी शिक्षा विभाग से शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि निजी स्कूल संचालक अमलगामेटिड फंड, एडिशनल सब्जेक्ट फीस, डेवलपमेंट चार्ज के नाम पर अवैध वसूली कर रहे हैं। दावा किया कि सभी निजी स्कूल मुनाफे में चल रहे हैं। इसके बाद भी उन्होंने फीस बढ़ा दी है। उच्च न्यायालय और शिक्षा विभाग के नियमों के विपरीत जाकर स्कूल फंड को हस्तांतरित कर रहे हैं।
अभिभावक एकता संघ के प्रधान दिनेश नरुला, एडवोकेट नवीन कुमार ने मांग की कि इन स्कूलों की पिछले तीन वर्षों की बैलेंस शीट औश्र अकाउंट की जांच एफएफआरसी से कराई जाए। यह शिकायत संघ ने जिला शिक्षा अधिकारी और कमिश्नर कार्यालय में भी दी है। अभिभावक एकता संघ के सदस्य पिछले साल दी गई शिकायतों का स्टेटस जानने के लिए कमिश्नर कार्यालय पहुुंचे तो वहां उनकी कर्मचारियों के साथ बहस हो गई। क्योंकि, उनके पास पिछली शिकायतों की कोई जानकारी नहीं थी। जिला शिक्षा अधिकारी का कहना है कि शिकायत के आधार पर जल्द कार्रवाई की जाएगी। शिकायत में सेक्टर-7 दयाल सिंह पब्लिक स्कूल करनाल, दयाल सिंह पब्लिक स्कूल मेन ब्रांच करनाल, सेक्टर-6 प्रताप पब्लिक स्कूल, ओपीएस विद्या मंदिर, आरएस पब्लिक स्कूल और कांवेंट स्कूल के नाम हैं।
ये कहते हैं नियम
शिक्षा विभाग के अनुसार निजी स्कूल आठ से दस प्रतिशत तक ही फीस में बढ़ोतरी कर सकते हैं। जब विद्यार्थी स्कूल में पहली बार दाखिला लेता है, तभी स्कूल संचालक विद्यार्थियों से एक बार ही एडमिशन फीस ले सकते हैं। डेवलपमेंट के नाम पर स्कूल संचालक कोई फीस नहीं ले सकते। स्कूल संचालक स्कूल में विद्यार्थियों को दी जाने वाली सुविधाओं को देखते हुए ही फीस में बढ़ोतरी कर सकते हैं। स्कूल संचालक उन विद्यार्थियों से एक्टिविटी चार्ज ले सकते हैं, जो विद्यार्थी एक्टिविटी में भाग लेते हैं।
बिना मान्यता के भी चल रहे निजी स्कूल
अभिभावक एकता संघ के प्रधान दिनेश नरुला ने बताया कि लिजी स्कूल संचालक अभिभावकों को फीस के नाम पर लूट रहे हैं। जिले में कई ऐसे स्कूल हैं, जिनके पास मान्यता तक ही नहीं है और वे स्कूल चला रहे हैं। नरुला ने बताया कि उन्होंने पिछले वर्ष चार स्कूलों की शिकायत एडीसी से की थी। एडीसी ने शिकायत पर एक्शन लेते हुए इन चारों स्कूलों की जांच कराने के लिए एफएफआरसी को निर्देश दिए थे। अभी तक इन चारों निजी स्कूलों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
वर्जन
अभिभावक एकता संघ की ओर से सात स्कूलों के खिलाफ शिकायत मिली है। इसमें दावा किया गया कि अमलगामेटिड फंड, एडिशनल सब्जेक्ट फीस, डेवलपमेंट चार्ज के नाम पर अभिभावकों से ज्यादा फीस ले रहे हैं। इस मामले की जांच की जाएगी।
-सरोज बाला गुर, डीईओ, करनाल।