ठेकेदार ने निगम कर्मचारी पर लगाया रिश्वत मांगने का आरोप, ठेकेदार एकत्र हुए तो कर्मचारी खिसका
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
नगर निगम के एक ड्राफ्ट्समैन पर छह हजार रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप लगाए हैं। पैसे मांगने के बाद ठेकेदार ने अन्य ठेकेदारों को बुलाया और रोष जताया तो कर्मचारी हालात को देखते हुए मौके से खिसक लिया। बाद में ठेकेदारों ने मामले की शिकायत निगम आयुक्त डा. प्रियंका सोनी से की। आयुक्त ने जांच का आश्वासन दिया है। मामले के अनुसार ठेकेदार नवीन कुमार अपनी फाइल के सिलसिले में एक ड्राफ्ट्समैन के पास पहुंचा। इस दौरान दोनों में बात हुई। ठेकेदार का आरोप है कि उसकी फाइल नेगोसिएशन के लिए पड़ी है, लेकिन कर्मचारी ने नेगोसिएशन कराने के लिए पांच हजार रुपये की मांग की। ठेकेदार ने यह भी दावा किया है कि कर्मचारी ने मेज पर हाथ मारकर कर कहा कि पैसे दोगे तभी तुम्हारा काम होगा। ठेकेदार ने यह भी दावा किया है कि इस पूरे मामले की सीसीटीवी फुटेज भी निकलवाई जा सकती है, क्योंकि कमरे में सीसीटीवी लगा हुआ है। दोनों में हुई कहासुनी के बाद ठेकेदार ने ठेकेदार एसोसिएशन को इसकी सूचना दी। इस पर काफी संख्या में ठेकेदार वहां पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद हालात देखकर ड्राफ्ट्समैन कार्यालय से निकल गए। बाद में ठेकेदारों ने मामले की शिकायत निगम आयुक्त से की। उधर, ड्राफ्ट्समैन ने सभी आरोपों को नकारते हुए कहा कि ठेकेदार जान बुझकर दबाव बना रहे हैं।
इस बारे में निगम आयुक्त डा. प्रियंका सोनी का कहना है कि वे इस मामले की जांच कराएंगे, जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। बता दें कि तीन दिन पहले ही ठेकेदारों ने निगम के जूनियर इंजीनियर के खिलाफ मोर्चा खोला था और कहा था कि जेई उनके निर्माण कार्यों के बिल नहीं बना रहे हैं, इस कारण ठेकेदारों को करोड़ों रुपये अटके हुए हैं। ठेकेदार इसी मामले को लेकर चीफ इंजीनियर अनिल मेहता से भी मिले थे और एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया था।