प्रदेश सरकार के खिलाफ गरजे पीडब्ल्यूडी कर्मचारी
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
हरियाणा गर्वनमेंट पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल वर्कर्स यूनियन की ओर से जिला स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। अध्यक्षता जिला प्रधान सतपाल सरोहा ने की और संचालन जिला सचिव धर्मवीर जांगड़ा ने किया। इस दौरान कर्मचारियों ने मांगों को लेकर प्रदेश सरकार के खिलाफ रोष जाहिर किया। इस मौके पर केंद्रीय कमेटी के महासचिव शीलक राम मलिक ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार पीडब्ल्यूडी के तीनों विभागों को सिकोड़ने का कार्य कर रही है। पहले गांव की सप्लाई सरपंचों के अधीन दे दे दी अब नगर निगमों को पानी की सप्लाई देने जा रही है। विभागों में पहले ही कर्मचारियों की कमी है। संगठन ने 26 नवंबर 2017 को करनाल के सीएम आवास पर किया जाने वाला प्रदर्शन स्थगित कर दिया था, क्योंकि छह नवंबर को मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव के साथ हुई बातचीत में कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए बातचीत की गई थी। इस वार्ता में मानी गई मांगों को आज तक लागू नहीं किया गया। इस दौरान मांग की गई कि सिंचाई विभाग, भवन व मार्ग और जन स्वास्थ्य के सेवा नियमों को ठीक किया जाए। जिला सचिव धर्मवीर जांगड़ा ने कहा कि कार्यकारी अभियंता जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंडल न. 1 करनाल कार्यालय में कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। समय रहते समस्याएं हल नहीं की गई तो बड़ा आंदोलन करने से कर्मचारी गुरेज नहीं करेंगे। इस अवसर पर जिला चेयरमैन सरूप सिंह विर्क, नरेश सैन, श्रीभगवान शर्मा, राजपाल, पवन शर्मा, उमेश, शमशेर सिंह, राममेहर, प्रीतम, ओमप्रकाश, वेद प्रकाश और जिलेराम आदि मौजूद रहे।
मांगें मनवाने को किया प्रदर्शन
करनाल। वहीं कंप्यूटर लैब अटेंडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने भी मांगें मनवाने के लिए प्रदर्शन किया। इस दौरान एसोसिएशन के राज्य प्रधान सुरेंद्र प्योंत और प्रदेश महासचिव सुनील राणा ने कहा कि 19 दिसंबर को प्रदेश भर के कंप्यूटर लैब अटेंडेंट और कंप्यूटर शिक्षक मांगों को लेकर मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे और ज्ञापन सौंपेंगे। सुरेंद्र प्योंत और सुनील राणा ने कहा कि प्रदेश के कंप्यूटर लैब अटेंडेंट के साथ सरकार भेदभाव कर रही है। प्रदेश के कंप्यूटर लैब अटेंडेंट को स्थायी रोजगार ना देकर टुकड़ों में रोजगार दे रही है, जिससे प्रदेश के कंप्यूटर लैब अटेंडेंट का आर्थिक व मानसिक शोषण हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कंप्यूटर लैब अटेंडेंट का शिक्षा विभाग से 31 दिसंबर, 2017 तक का अनुबंध है। 31 दिसंबर जैसे-जैसे नजदीक आ रही है प्रदेश के 5000 कंप्यूटर लैब अटेंडेंट व कंप्यूटर शिक्षक की चिंताएं बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने मांग की कि प्रदेश के कंप्यूटर लैब अटेंडेंट व कंप्यूटर शिक्षक को स्थायित्व दिया जाए और अटेंडेंट व शिक्षक का न्यूनतम वेतन 15 हजार रुपये किया जाए।