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चालान कटने पर बोली महिला- मैं खट्टर साहब से बात करूंगी, ये महिलाओं का कैसा मान सम्मान है....

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चालान कटने पर बोली महिला- मैं खट्टर साहब से बात करूंगी, ये महिलाओं का कैसा मान सम्मान है....
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। सीएम सिटी की लड़कियां ट्रैफिक नियमों को तोड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं। वहीं कई महिला पुलिस कर्मचारी भी बिना वर्दी के ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ा रही हैं। ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने और हेलमेट न होने पर चालान से बचने के लिए लड़कियां जगह और समय के हिसाब से बहाने मार बच निकलने की कोशिश रही हैं। पिछले तीन दिनों से जिला ट्रैफिक पुलिस ने लड़कियों को ट्रैफिक नियमों का पाठ पढ़ाने के लिए कमर कस ली है। ऑपरेशन दुर्गा मुहिम के तहत रोज 160 से 180 लड़कियों के चालान काटे जा रहे, ट्रैफिक पुलिस पिछले तीन दिन में 550 लड़कियों के चालान काट चुकी हैं।
बुधवार को अमर उजाला की टीम ने जब चालान काट रही महिला पुलिसकर्मियों की टीम के साथ खड़े होकर देखा तो पता लगा कि स्कूटी पर आ रही आम लड़कियों के साथ बिना वर्दी के महिला पुलिस कर्मचारी भी बिना हेलमेट के चल रही हैं। जब रेलवे रोड पर महिला कॉलेज के सामने पुलिसकर्मी प्रिया, रविता और रेखा ने महिला पुलिस कर्मचारी को रोका तो उन्होंने पुलिसिया लिहाज में जवाब दिया- बेबे कल मैं भी योहे काम कर रही थी आज बाजार मैं ता आई हूं..... तो नवनियुक्त महिला पुलिस कर्मचारियों ने उसके घर से हेलमेट मांगवाने के बाद उन्हें जाने दिया। वहीं एक अन्य महिला को जब बिना हेलमेट के रोका तो महिला ने कहा कि आप महिलाओं के चालान काट रहे हो मैं खट्टर साहब से बात करूंगी, ये बीजेपी के राज में कैसा महिलाओं का मान सम्मान है। चालान काटने से पहले घर जाकर भी बताया करो कि हेलमेट पहनकर मार्केट में आया करो। इस पर चालान काट रहे ट्रैफिक पुलिस कर्मचारी सुरेंद्र ने कहा कि मैडम मेरी जेब पर कैमरा लगा है, आपकी सारी बात इसमें रिकॉर्ड हो रही है। अब सारी बात घर जाकर बोला करेंगे। इस पर महिला ने जवाब दिया। सॉरी सर अब चालान कर दो, मैं खट्टर साहब से बात नहीं करूंगी और हेलमेट पहनकर आऊंगी।
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जैसी जगह वैसा बहाना
ट्रैफिक पुलिस में 15 नई महिला पुलिस कर्मियों ने ज्वाइन किया है। पिछले तीन दिनों से लड़कियों के धड़ाधड़ चालान हो रहे हैं। ऐसे में कई टीमें अंबेडकर चौक, अस्पताल चौक, रेलवे रोड, सेक्टर 14 कॉलेज रोड सहित शहर में अन्य जगहों पर चेकिंग कर रही है। अस्पताल के पास चेकिंग कर रही टीम को स्कूटी पर सवार लड़कियां चालान से बचने के लिए अस्पताल में बुआ, मामी, ताई के दाखिल होने का बहाना मारती दिखी। वहीं कॉलेज रोड और आसपास पकड़े जाने वाली लड़कियां टयूशन जाने और पेपर देने जाने का बहाना मारती नजर आई। इसी तरह बाजार में बिना हेलमेट पकड़ी लड़कियां सामान लेने आई थी, मम्मी को लेने जा रही हूं। यहीं घर है, जैसे बहाने मारती दिखी।
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3 दिन में शहर में बिके 220 महिला हेलमेट
पिछले तीन दिनों से ऑपरेशन दुर्गा अभियान के तहत पुलिस 550 लड़कियों के बिना हेलमेट के चालान कर चुकी हैं। इसका असर शहर में देखने को भी मिल रहा है। शहर की अलग-अलग दुकानों से पिछले तीन दिनों में करीब 220 महिला हेलमेट बिके हैं। जबकि इससे पहले 5-10 दिन के अंतराल में 2-3 हेलमेट बिकते थे। दुकानदार कल्लू और अली ने बताया कि पहले वह कम महिला हेलमेट लेकर आते थे। लेकिन पिछले तीन दिनों से उनकी दुकान से करीब 30-30 हेलमेट बिक चुके हैं।
ट्रैफिक पुलिस से बचने के दस बहाने
1. अस्पताल में बुआ जी दाखिल है, उनको देखने के लिए जा रही हूं, प्लीज छोड़ दो।
2. ट्यूशन पढ़ने जा रही हूं, कल पेपर है छोड़ दो दीदी....
3. बाजार में सामान लेने आई थी, इसलिए हेलमेट याद नहीं रहा।
4. घर में फंक्शन है, लेट हो जाउंगी।
5. कॉलेज से आ रही हूं, प्लीज छोड़ दो जी कल से हेलमेट लेकर आउंगी।
6. अंकल हमे नहीं पता था, लड़कियों के भी चालान कटते हैं।
7. आज हेलमेट नया लिया है, कल से पहनकर आउंगी।
8. गर्दन में काफी दर्द रहता है बहन, इसलिए नहीं डाला हेलमेट।
9. घर से थोड़ी सी दूरी पर ही आई हूं, आप यहीं खड़े हो।
10. हेलमेट आज ही चोरी हुआ है।
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