जिले में कोरोना संक्रमित केसों की रफ्तार बढ़ती जा रही है आए दिन 500 से अधिक कोरोना संक्रमित मरीज सामने आ रहे हैं। ऐसे में लोगों में कोरोना का डर बना हुआ है। हालांकि जिला प्रशासन हर पुख्ता इंतजाम का दम भर रहा है कि उनके पास पर्याप्त मात्रा में बेड हैं, ऑक्सीजन है लेकिन फिर भी संक्रमित मरीजों के मरने का आंकड़ा कम नहीं हो रहा है।
जिले की आबादी 16 लाख के करीब है। जिसमें 5 लाख के करीब स्कूली व कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राएं हैं। ऐसे में हम स्वास्थ्य सेवा की बात करें तो जिले में अभी तक सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में 253 आईसीयू बेड और 453 ऑक्सीजन नॉन एसी बेड हैं। मेडिकल कॉलेज में भी 150 आक्सीजन बेड है। इससे अलग जिला प्रशासन ने दो जगहों पर कोविड केयर सेंटर बनाया हुआ है। जिसमें हीना वैंकट हाल जहां पर 100 ऑक्सीजन बेड की सुविधा है और वहीं फूसगढ़ सामुदायिक केंद्र में 250 ऑक्सीजन बेड की सुविधा है।
इतना ही नहीं यदि हम कोरोना पॉजिटिव एक्टिव केस की बात करें तो उनकी संख्या 5062 है, उसकी तुलना में भी आईसीयू सहित 1206 के करीब ऑक्सीजन बेड हैं जो 23 प्रतिशत हैं । ऐसे में 3862 ऐसे मरीज हैं जिनके लिए ऑक्सीजन बेड ही नहीं हैं, यदि उनकी तबीयत खराब होती है तो?
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12 से 13 हजार किलो लीटर ऑक्सीजन की खपत
जिले में जिस तरह गंभीर मरीजों की संख्या बढ़ रही है ऐसे में ऑक्सीजन की खपत भी बढ़ती जा रही है। जिला प्रशासन का दावा है कि हर रोज जिले में 12 से 13 हजार किलो लीटर ऑक्सीजन की खपत है और हर रोज 14 से 15 हजार किलो लीटर ऑक्सीजन आ रही है। वहीं सरकारी अस्पताल में ऑक्सीजन का प्लांट लगाया हुआ है। जो वातावरण की खुली हवा में से ऑक्सीजन मरीजों तक पहुंचाता है, लेकिन जो मरीज घर में नॉन कोविड है। जिन्हें सांस लेने में दिक्कत हा रही है उन्हें ऑक्सीजन सिलिंडर नहीं मिल रहे।
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ये है प्लानिंग
- जिले की 8 सीएचसी में 10-20 ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था करना।
- शहर व ग्रामीण क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा कोविड केयर सेंटर बनाना।
- बड़े बड़े गांव में होम आइसोलेशन के लिए बिना ऑक्सीजन के बेड की व्यवस्था करना।
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वर्जन
लॉकडाउन के बाद से नए मामलों में भी गिरावट आई है। प्रशासन अपने स्तर पर पूरी तैयारी किए हुए है। कोविड के गंभीर मरीजों के लिए पर्याप्त बेड है। इसके अलावा सभी सीएचसी समेत अन्य कई जगहों पर कोविड हेल्थ केयर सेंटर ऑक्सीजन सुविधा के साथ बनाए जा रहे हैं। यहां लाने से पहले कम लक्षण व बिना लक्षण के मरीजों को कोविड केयर सेंटर में रख रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र में अलग से 60 केयर सेंटर हमने तैयार कर लिए हैं।
- निशांत कुमार, डीसी, करनाल।