माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। मुख्यमंत्री मनोहर लाल सोमवार को करनाल चीनी मिल पहुंचे। यहां उन्होंने मिल अधिकारियों के साथ बैठक कर पेराई सत्र जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने चीनी मिल में करोड़ों रुपये की लागत से 120 केएलपीडी एथेनॉल प्लांट लगाने की घोषणा की। इसके अलावा चीनी मिल में जल्द ही गुड़ और शक्कर बनाने के प्रोजेक्ट को शुरू करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने करनाल शुगर मिल बोर्ड के निदेशकों, किसानों और भाकियू के पदाधिकारियों से बातचीत कर उनकी मांगों और सुझावों को सुना। फिर मिल के अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा की। इसमें शुगर मिल में किसानों और मजदूरों के लिए बनाई गई कैंटीन, बैंक सुविधा, डिस्पेंसरी, पावर प्लांट सहित अन्य प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी ली। पेराई सत्र की तैयारियां शुरू करने के निर्देश देते हुए कहा कि इस शुगर मिल के साथ 132 गांवों के 2650 किसानों के परिवार जुड़े हुए हैं। उन्होंने शुगर मिल में 58 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई और 10 प्रतिशत चीनी रिकवरी करने का लक्ष्य दिया।
उन्होंने कहा कि किसी भी शुगर मिल को नुकसान में नहीं चलाया जा सकता, इसलिए सभी को मिलकर एट-पार पर चलाने का लक्ष्य लेकर काम करना चाहिए। चीनी बनाने से शुगर मिलों के लाभ में इजाफा नहीं किया जा सकता, इसलिए शुगर मिलों में अतिरिक्त संसाधनों पर ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शुगर मिल में करोड़ों रुपये की लागत से 120 केएलपीडी का प्रोजेक्ट लगाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट से किसानों, मजदूरों व शुगर मिल को फायदा होगा। इसके साथ ही करनाल शुगर मिल में जल्द ही गुड़ और शक्कर भी बनाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट को शुगर मिल के अधिकारी जल्द से जल्द शुरू करने का प्रयास करें।
उन्होंने बोर्ड के निदेशकों और किसानों की मांग के आधार पर चीनी मिल में यार्ड बनाने, शेड बनाने, सोलर प्लांट लगाने, चारी दीवारी बनाने और सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए है। करनाल शुगर मिल के तकनीकी दक्षता में प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल करने पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आने वाले पेराई सत्र में किसान, मजदूर, बोर्ड के निदेशक और यूनियन के पदाधिकारी मिलकर कार्य करेंगे ताकि शुगर मिल की आय में इजाफा हो सके। सरकार की तरफ से किसानों को कोई दिक्कत और परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
चीनी मिल की प्रबंध निदेशक डॉ. पूजा भारती ने मुख्यमंत्री को पौधा भेंट किया। उन्होंने चीनी मिले की रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस मौके पर उपायुक्त अनीश यादव, पुलिस अधीक्षक गंगाराम पुनिया, मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि संजय बठला, सीएम के मीडिया कोऑर्डिनेटर जगमोहन आनंद, सुभाष चंद्र, निदेशक सुरेंद्र शर्मा बड़ौता, संजय कुमार, गुरमेल सिंह, प्रकाश नरवाल, सुरेंद्र शर्मा, राजपाल लाठर, भाकियू प्रदेशाध्यक्ष रतन मान, प्रदेश संगठन मंत्री श्याम सिंह, जिलाध्यक्ष सुरेंद्र, नेकी राम, सुरेंद्र सांगवान, महताब कादियान आदि उपस्थित रहे।
मुस्कुराते हुए मुख्यमंत्री बोले-बस, थोड़ा इंतजार कीजिए...
भाकियू ने बैठक में उठाई पंजाब से अधिक गन्ना मूल्य देने की मांग
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। चीनी मिल में हुई निदेशकों और किसानों की बैठक में भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष रतन मान ने मांग रखी कि हरियाणा में गन्ने का भाव पंजाब से अधिक होना चाहिए। देशभर में किसान चर्चा करते हैं कि हरियाणा में गन्ने का सर्वाधिक भाव मिलता है, लेकिन इस बार राज्य में गन्ने का भाव पंजाब से पिछड़ गया है। ऐसा नहीं होना चाहिए।
रतन मान ने कहा कि पिछले साल पंजाब में गन्ने का भाव 360 रुपये था तो हरियाणा में भाव 362 रुपये था। किसान फक्र से कहते थे कि देश में सबसे अधिक गन्ने का भाव हरियाणा सरकार दे रही है। सरकार भी कई मंचों पर गर्व के साथ ये बात कहती थी, लेकिन इस साल पंजाब सरकार ने गन्ने का भाव बढ़ाकर 380 रुपये कर दिया है पर हरियाणा सरकार ने अभी तक गन्ने का भाव नहीं बढ़ाया है। सरकार को हरियाणा में गन्ने का भाव बढ़ाकर 400 रुपये प्रति क्विंटल करना चाहिए। भाकियू प्रदेशाध्यक्ष ने बताया कि इस मांग पर मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा कि बस, थोड़ा इंतजार कीजिए।