दिल्ली में कोरोना मरीजों को सही इलाज नहीं मिलने पर वहां के लोग करनाल की तरफ रुख कर रहे हैं। पिछले दस दिनों से रोजाना चार से पांच लोग दिल्ली से आकर कल्पना चावला मेडिकल कालेज में सैंपल और इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इतना ही नहीं ये लोग करनाल में अपने रिश्तेदारों का पता लिखवा रहे हैं। गुरुवार को जिले में कोरोना के 12 नये मामले सामने आए, इनमें से पांच लोग दिल्ली से संबंधित हैं। अहम बात ये है कि कोरोना से बुधवार को मृत बसताड़ा निवासी बुजुर्ग के परिवार के हैं। इनमें एक बुजुर्ग की पत्नी, पुत्रवधु और पोता संक्रमित मिले है। इसके अलावा, इनमें से आधे से ज्यादा की ट्रेवल हिस्ट्री दिल्ली और बाहर की है। वहीं, दिल्ली से ट्रेवल करके वापस आने वाले ज्यादातर लोग कोरोना पाजिटिव मिल रहे हैं। जिला प्रशासन की ओर से संक्रमण के केसों को रोकने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किये जा रहे हैं और ऐेसे में आने वालों में कोरोना मरीजों का आंकड़ा और बढ़ सकता है।
ना आधार कार्ड और न ही स्थायी पता चेक किया जाता है
कोरोना के मरीजों को इलाज करने में मेडिकल कालेज जीवनदानी साबित हो रहा है और ये अच्छी बात है। लेकिन दिक्कत ये आती है कि जब सुबह रिपोर्ट आती है और दिये गए पते पर स्वास्थ्य विभाग की टीम जाती है तो वहां पर मरीज नहीं मिलते। ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। एक युवक तो सैंपल देने के बाद फरार हो गया था, जबकि दिल्ली निवासी ही तीन युवक अपना सैंपल देने के लिए वापस गाड़ी से दिल्ली चले गए थे। इससे संक्रमण और ज्यादा फैलने का डर रहता है। अमर उजाला जब इस मामले की तहकीकात की तो पता चला कि जब कोई मेडिकल कालेज में सैंपल देने जाता है तो उससे मौखिक रूप से नाम, पता और मोबाइल नंबर पूछा जाता है। इनमें से कई तो मोबाइल नंबर और पता गलत लिखवा देते हैं।
आज भी 400 के करीब लिये सैंपल
सिविल सर्जन की रिपोर्ट के अनुसार जिले में अब तक कोरोना वायरस संक्रमण से संदिग्ध कुल 13490 व्यक्तियों के सैम्पल लिए गए, जबकि इनमें से 13276 की रिपोर्ट नेगेटिव आई है और 190 मामले पाजिटिव हैं, जिनमें से 3 की मृत्यु हो गई है, 91 एक्टिव है तथा 96 मरीज ठीक होकर अपने घर चले गए हैैं। गुरुवार को भी 400 के करीब लोगों के सैंपल लिये गए। सिविल सर्जन डॉ. अश्विनी आहुजा ने बताया कि लक्षणों वाले मरीजों को कल्पना चावला मेडिकल कालेज में दाखिल किया गया है, जबकि अन्य को नीलोखेड़ी स्थित कोविड केयर सेंटर में भेजा गया है।
मृतक के परिवार के तीन सदस्य भी संक्रमित, काछवा से भाई बहन भी शामिल
जिले में वीरवार को कोरोना संक्रमण के 12 केस पाजिटिव आए हैं। इनमें तीन मामले बसताड़ा से हैं, जहां पर बुधवार को एक बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया था। कल ही इनके संपर्क में आए परिवार के सदस्यों के सैंपल लिये गए थे। इनमें से व्यक्ति की 70 साल की पत्नी, 35 साल की पुत्रवधु और 16 साल के पोता कोरोना पाजिटिव मिले हैं। एक केस गांव गढ़ी जाटान से है, यहां का 22 साल का युवक नोएडा में एक कंपनी में मैकेनिक है और 17 जून को करनाल लौटा है। दो केस काछवा से भाई बहन के हैं और दोनों विद्यार्थी हैं। यह पहले से संक्रमित अपने पिता के संपर्क में आने से हुए हैं। बता दें कि ये सभी दिल्ली से काछवा पहुंचे हैं। वहीं, माडल टाउन निवासी 28 साल की युवती बल्लभगढ़ से अपने परिजनों से मिलने पहुंची थी, टेस्ट में पाजिटिव मिली। अर्जुन गेट निवासी महिला अपने पति और बच्चों के साथ बिहार से लौटी है। उत्तम नगर से मां-बेटा पाजिटिव मिले हैं। ये दोनों दिल्ली ये यहां आए हैं। इसी प्रकार, चमन गार्डन निवासी एक 80 वर्षीय महिला कोरोना संक्रमित मिली हैं। गौरतलब है कि महिला दिल्ली से आए संक्रमित कपड़ा व्यापारी के घर पड़ोस में रहती है। एक मामला गांधी नगर का है, 27 साल की महिला कोरोना पाजिटिव मिली है। इनकी ट्रैवल हिस्ट्री बाहर की है।