अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। शुगर मिल के नवीनीकरण और गन्ने की बकाया राशि को लेकर चल रहा आंदोलन प्रशासन और सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को प्रशासन व सरकार के प्रतिनिधियों और भाकियू के पदाधिकारियों की करीब दो घंटे तक बैठक चली। इस दौरान तीन बिंदुओं पर सहमति बन गई, लेकिन जैसे ही भाकियू ने इन बिंदुओं पर लिखित आश्वासन मांगा तो प्रशासनिक अधिकारियों व सरकार के प्रतिनिधियों ने लिखित में कुछ भी देने से इंकार कर दिया। इस पर भाकियू के नेता उखड़ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बैठक से वाकआउट कर गए। इसके बाद से दोनों ही पक्षों ने एक दूसरे पर राजनीति करने का आरोप लगाया है। सरकार के प्रतिनिधियों का कहना है कि भाकियू नेता राजनीति कर रहे है, उधर भाकियू ने सरकार पर किसानों का अपमान किया है। भाकियू ने चेताया है कि अब वे सीएम के अलावा किसी से बात नहीं करेंगे और 13 अगस्त को वे सीएम से मिलकर अपना पक्ष रखेंगे।
बता दें कि शुगर मिल के बाहर पिछले 19 दिन से भाकियू का धरना चल रहा है और रोजाना किसान गिरफ्तारी रहे हैं। सुबह किसानों ने गिरफ्तारी भी दी। शनिवार को प्रशासन की ओर से भाकियू को बैठक का न्योता दिया गया। दोपहर करीब 2.30 बजे दोनों पक्षों की शुगर मिल एमडी कार्यालय में बैठक हुई। सरकार की ओर से शुगरफैड के चेयरमैन चंद्रप्रकाश कथूरिया, हैफेड के चेयरमैन व घरौंडा के विधायक हरविंद्र कल्याण, डीसी डॉ. आदित्य दहिया, एमडी प्रदुमन्न सिंह मौजूद रहे, जबकि भाकियू की ओर से प्रदेशाध्यक्ष रतन मान, रामफल कंडेला, सुरेंद्र सांगवान, सतीश कलसोरा, सुभाष गुर्जर, यशपाल राणा समेत अन्य पदाधिकारी रहे। करीब दो घंटे तक दोनों पक्षों में बातचीत चली और तीन बिंदुओं पर सहमति बन गई। भाकियू ने जैसे ही तीनों बिंदुओं को लिखित में मांगा तो प्रशासन और सरकार के प्रतिनिधियों ने ऐसा करने से इंकार कर दिया। इस दौरान विधायक हरविंद्र कल्याण व भाकियू के नेताओं के बीच तीखी नोक-झोंक हुई। कल्याण ने कहा कि, उनकी जुबान पत्थर की लकीर है, लिखित में कोई समझौता नहीं होता, इस पर भाकियू नेताओं ने भी कड़ी नाराजगी जताई और बैठक से वाकआउट कर गए। किसानों ने कहा कि विधायक हरविंद्र कल्याण ने उनका अपमान किया है। इस बात को लेकर वह 13 अगस्त को मुख्यमंत्री से मिलकर उस साजिश को बेनकाब करेंगे। इस दौरान वह मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी मांगें रखेंगे। मुख्यमंत्री किसान के बेटे है। इसलिए वह किसान का दर्द समझेंगे।
इन बिंदुओं पर बनी थी सहमति
बैठक में तीन बातों पर सहमति बनी थी। इनमें 29 अगस्त तक पानीपत और करनाल शुगरमिल का टैंडर करना, अगस्त माह तक गन्ने की बकाया पेमेंट करना शामिल रहा। तीसरा, जिन किसानों का बकाया है वे शुगरफैड के पेट्रोल पंप से बकाया पैसे के बदले तेल ले सकते है।
इन्होंने दी गिरफ्तारी
उधर 11 किसानों ने गिरफ्तारी दी, जिनका नेतृत्व ढाकवाला गुजरान के श्याम सिंह चौहान जिला उपाध्यक्ष ने किया। इस जत्थे में ढाकवाला गुजरान के रामपाल सिंह, कंवर पाल सिंह, निरंकार सिंह, निरंजन सिंह, अशोक कुमार, ढाकवाला रोड़ान के विरमपाल सिंह, मनीपाल, रमेश कुमार, जसमेर, रामकुमार शामिल थे। 12 अगस्त को इन्द्री खंड के किसान गिरफ्तारी देेंगे।
13 को सीएम से मिलेंगे, नहीं तो 16 से भूख हड़ताल : मान
भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष रतनमान ने कहा है कि इस बातचीत का लंबे समय से इंतजार था, लेकिन सरकार की नीयत साफ नहीं थी। किसानों ने तीन बिंदुओं पर सहमति जताई, लेकिन किसी ने भी लिखित में आश्वासन नहीं दिया। मान ने आरोप लगाया कि विधायक हरविन्द्र कल्याण ने किसानों के प्रतिनिधियों का अपमान किया और उनसे तू-तड़ाक किया। किसानों के अपमान का मुद्दा 13 अगस्त को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया जाएगा। अगर यहां भी बात नहीं बनी तो 16 से भूख हड़ताल शुरू की जाएगी।
किसान यूनियन का रवैया राजनीति से प्रेरित : कल्याण
करनाल। घरौंडा के विधायक एवं हैफेड के चेयरमैन हरविंद्र कल्याण ने कहा कि हमारी जवाबदेही किसानों के हितों के लिए है, यूनियन के प्रति नहीं। किसान यूनियन की आड़ में यदि राजनीति चलती है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है, जिसको राजनीति चमकानी है वह अपनी राजनीति चमकाए, हमें समाज हित में सदा काम किया है और आगे भी करते रहेंगे। यूनियन के प्रतिनिधियों ने अपना रवैया किसान हितैषी नहीं बल्कि राजनीति से प्रभावित दिखाया। विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल की घोषणा के अनुसार शुगर मील का नवीनीकरण का कार्य समय पर पूरा होगा। सीएम जो कहते है उसको पूरा करते हैं, उन्होंने किसानों से अपील की कि वे मुख्यमंत्री पर विश्वास करते हुए आश्वस्त रहें किसी के बहकावे में न आए और यूनियन वादी में समय खराब न करें।
करनाल ही नहीं पूरे प्रदेश की मिलों पर ध्यान : कथूरिया
शुगर फेड के चेयरमैन चंद्रप्रकाश कथूरिया ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल किसानों के सच्चे हितैषी है, उन्होंने न केवल करनाल बल्कि पानीपत और सोनीपत के शुगर मील के नवीनीकरण के कार्य को शीघ्र शुरू करवाने की बात कही है। सीएम की घोषणा के अनुसार, आगामी 29 अगस्त तक करनाल मिल के टेंडर लग जाएंगे। कथूरिया ने कहा कि फैसले विश्वास और दिलों से होते हैं, कागजों से नहीं। उन्होंने कहा हम लगातार किसानों की मांगों को पूरा करवाने के लिए सरकार से संपर्क बनाए हुए हैं। जब से किसान धरने पर बैठे हैं तब से उनके द्वारा संपर्क बनाया हुआ है, इसके बावजूद भी यदि किसान मनमानी करते हैं तो यह ठीक नहीं।