अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। गर्मियों की छुट्टियां खत्म होते ही कक्षा छठी से 12वीं के प्रत्येक विद्यार्थी को एक पौधा लगाना आवश्यक है। यही नहीं वह विद्यार्थी एक साल तक उस पौधे की केयर भी खुद करेगा। इसके साथ ही उस पौधे पर वह विद्यार्थी अपनी नेम प्लेट लगाएगा। पेड़ लगाओ जीवन बचाओ के तहत शिक्षा विभाग ने निर्देश जारी कर दिए हैं। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी ने भी सभी बीईओ को निर्देश दे दिए हैं। इसके साथ ही अध्यापक सभी विद्यार्थियों को पौधा रोपण के प्रति जागरूक करेंगे और बताएंगे कि पौधे लगाया क्यों जरूरी है।
स्कूल परिसर व घर कहीं भी लगा सकता है एक पौधा
पौधरोपण के लिए यदि विद्यार्थी को स्कूल परिसर में जगह न मिले तो वह अपने घर के आंगन में लगा सकता है। यदि घर में भी जगह न हो तो वह विद्यार्थी परमिशन से किसी खेत में पौधा लगा सकता है, लेकिन उस विद्यार्थी को ही उस पौधे की देखभाल करनी होगी, क्योंकि पौधा लगाना आसान है, लेकिन उसकी देखभाल करना बहुत कठिन है। इसलिए हर विद्यार्थी को अपने लगाए पौधे की देखभाल भी करनी होगी।
माता-पिता को विद्यार्थी करेंगे पौधरोपण के लिए प्रेरित
स्कूल में अध्यापक विद्यार्थियों को पौधरोपण करने के लिए प्रेरित करेंगे। इसके बाद वह विद्यार्थी अपने माता-पिता, रिश्तेदार, आस-पड़ोस के लोगों को को पौधरोपण के प्रति जागरूक करेंगे, ताकि वे भी पौधरोपण करें और उसकी केयर करें। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस योजना के तहत केवल पर्यावरण को बचाने की पहल करना है। साथ ही हमारा प्रयास होगा कि स्कूल विद्यार्थी अपने परिजनों व आस पड़ोस के लोगों को भी इसके लिए जागरूक करें।
कुछ दिन पहले पंचकूला में हुई बैठक में निर्देश दिए गए कि कक्षा 6 से 12वीं के विद्यार्थी को एक पौधा लगाना जरूरी है और वह विद्यार्थी एक साल तक उसे पौधे की केयर भी करेगा। यह निर्देश सभी बीईओ को जारी कर दिए गए हैं।-सरोज बाला गुर, डीईओ करनाल।