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एफसीआई में चावल पास कराने पर प्रति गाड़ी पांच हजार रुपये मांगने का आरोप

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एफसीआई में चावल पास कराने पर प्रति गाड़ी पांच हजार रुपये मांगने का आरोप
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
भारतीय खाद्य निगम यानि एफसीआई में प्रति गाड़ी पास करने के नाम पर पांच हजार रुपये मांगने का मामला सामने आया है। राइस मिलर्स ने मामले की एफसीआई डीएम रवि यादव को लिखित में शिकायत की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने भी जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही रिजेक्ट की गई गाड़ियों को दोबारा से चेक कराने का आश्वासन दिया है। मिलर्स ने चेताया है कि अगर आरोपी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है तो वे हड़ताल पर चले जाएंगे।
नेवल गोडाउन राइस मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी एफसीआई डीएम से मिले और लिखित में शिकायत दी। शिकायत के अनुसार राइस मिलर्स ने बताया कि उन्होंने सरकार से सीएमआर ली हुई है। इसके तहत सरकार से धान लेकर चावल वापस करना होता है। मिलर्स ने आरोप लगाया कि नेवल गोदाम में तैनात एक असिस्टेंट मैनेजर (टेक्निकल) मिलर्स से चावल की गाड़ी पास करने के लिए प्रति गाड़ी पांच हजार रुपये मांग रहा है।
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मिलर्स ने ये भी आरोप लगाया कि अच्छे चावल को भी रिजेक्ट किया जा रहा है। इससे उनके सामने समस्या खड़ी हो गई है। उन्होंने बताया कि उन्होंने 31 मार्च तक सरकार को चावल देना है। अगर वे ऐसा नहीं सके तो सरकार की ओर से उन पर होल्डिंग चार्ज लगाया जाता है। मिलर्स ने ये भी आरोप लगाया कि दो माह में 20 चावल की गाड़ियां रिजेक्ट की गई, लेकिन अब जब से उन्होंने पैसे देने से इंकार किया है, एक-एक दिन में 10-10 गाड़ियों को जानबूझ कर रिजेक्ट किया जा रहा है। मिलर्स के प्रधान नीरज कुमार और अन्य ने मांग की कि इस मामले की जांच की जाए और अधिकारी का तबादला किया जाए, अगर ऐसा नहीं किया गया तो वे हड़ताल पर चले जाएंगे। इस मौके पर 19 राइस मिलर्स मौजूद रहे।

जान बूझकर बना रहे दबाव
वहीं इस बारे में असिस्टेंट मैनेजर (टेक्निकल) ने बताया कि एफसीआई को चावल वापस देते समय एफसीआई की ओर से गाइडलाइन तय की गई हैं। इनमें चावल डैमेज से लेकर नमी तक निर्धारित की गई हैं। उन्हीं मापदंडों के अनुसार चावल लिया जा रहा है। मैंने जो गाड़ियां रिजेक्ट की हैं, उस चावल की जांच कराई जा सकती हैं, मैं इसके लिए तैयार हूं। एक कमेटी गठित करके इस चावल को जांचा जाए। जहां तक प्रति गाड़ी पांच हजार रुपये मांगने का आरोप है, ये बिलकुल निराधार है और मुझे बदनाम करने के लिए कुछ लोग ऐसा कर रहे हैं। मैंने किसी से कोई पैसे की मांग नहीं है, कुछ लोग गलत चावल को पास कराना चाहते हैं और दबाव बना रहे हैं।
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राइस मिलर्स मेरे पास आए थे, उन्होंने शिकायत दी। जहां तक प्रति गाड़ी पांच हजार रुपये मांगने के आरोपों की बात है, हम इसकी जांच कराएंगे। इसके अलावा मिलर्स ने कहा कि उनके अच्छे चावल को भी रिजेक्ट किया जा रहा है, तो ऐसा कोई भी नहीं कर सकता। अगर ऐसी बात है तो हम दोबारा से उसकी जांच करा सकते हैं। इसके लिए मिलर्स को एप्लीकेशन देनी होगी। किसी के साथ गलत नहीं होने दिया जाएगा। -रवि यादव, डीएम, एफसीआई।
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