अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगा परिजनों ने किया हंगामा
- निजी अस्पताल में भर्ती 9 माह के बच्चे के परिजनों ने इलाज में लापरवाही और मौत का लगाया आरोप, पुलिस और डॉक्टरों ने कहा बच्चा जीवित
फोटो संख्या- 18 से 20
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। मेडिकल कॉलेज के पास एक निजी अस्पताल में शनिवार शाम एक मरीज के परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही बरतने और मिस गाइड करने का आरोप लगाकर जमकर हंगामा काटा। अस्पताल में दाखिल 9 माह के बच्चे के परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉक्टर की लापरवाही व मिस गाइड के कारण उनका बच्चा मर चुका है, वहीं डाक्टरों का कहना है कि बच्चा अभी जीवित है और वह वेंटिलेटर पर है। घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल पहुंची सिविल लाइन थाना पुलिस ने दोनों पक्षों की बात सुन जांच की और बच्चे को जीवित बताया।
क्योंकि यह बच्चा तीन बहनों में एकलौता भाई था। हंगामें की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने परिजनों की बात सुनी और फिर मामले की जांच की। गोसाई महोल्ला निवासी धीरज ने बताया कि उसका करीब नौ माह का बेटा वैष्णव अपने तीन बहनों का इकलौता भाई था, उसे कई दिन पहले दस्त व हल्का बुखार हुआ था, जिसके कारण उसने अपने बेटे को एक दूसरे प्राइवेट अस्पताल में दाखिल करवाया था। वहां से डाक्टर ने उनके बच्चे को मंगलवार को इस प्राइवेट अस्पताल में रेफर कर दिया। बच्चे के पिता ने बताया कि डाक्टर ने उन्हें कहा कि उनका बच्चा बिल्कुल ठीक हो जाएगा। लेकिन उन्होंने देखा की बच्चे की तबीयत बिगड़ रही है। तो उन्होंने डाक्टर से कहा कि वे उसे रेफर कर दें ताकि बच्चे का इलाज पीजीआई या अन्य अस्पताल में हो सके। लेकिन डाक्टर ने उन्हें भरोसा देते रहे कि वह ठीक कर देंगे, उनसे बेहतर इलाज कोई दूसरा डॉक्टर नहीं दे सकता। धीरज ने कहा कि उनका बेटा जब डेड हो गया, तब डाक्टर उसे रेफर कर रहे हैं। सिविल थाना प्रभारी मोहन लाल ने कहा कि शिकायत के बाद हमने मामले की जांच की और बच्चे को जीवित पाया है। हंगामा कर रहे परिजनों को समझा-बूझा कर शांत कर दिया गया है।