15 जून से प्री-मानसून की बौछारें देंगी राहत
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। दो दिनों तक राज्य के कई इलाकों में हुई बारिश के बाद गर्मी एकबार फिर से लोगों को सताने लगी है। बुधवार और गुरुवार को हुई बारिश के कारण राज्य के अधिकतर जिलों में जहां तापमान 30 के पास-पास बना हुआ था, वहीं शनिवार को यह फिर से 40 डिग्री पर पहुंच गया। हालांकि लोगों के लिए राहत की बात यह है कि 15 जून से प्री-मानसून की बौछारें लोगों को गर्मी से राहत देंगी। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून की रफ्तार थोड़ी कमजोर जरूर है लेकिन इसमें कोई खास देरी नहीं हुई है। इस बार हरियाणा में तय समय यानी 28 जून को मानसून के पहुंचने का अनुमान है। हरियाणा में 1987 में मानसून 25 जुलाई को पहुंचा था जो अब तक का सबसे देरी से पहुंचने का रिकॉर्ड है। वहीं 2008 में मानसून 14 जून को ही पहुंच गया था जो सबसे जल्दी पहुंचने का रिकॉर्ड है। विदित हो कि नौतपा के अंतिम दिनों में अधिकतम तापमान कई जिलों में 45 डिग्री को पार कर गया था, लेकिन 7 ओर 8 जून को हुई बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी, शनिवार को भी आसमान में बादल छाए रहे और कुछ जिलों में हल्की बारिश भी दर्ज की गई। सीएसएसआरआई के मौसम वैज्ञानिक डॉ देवेंद्र बुंदेला ने बताया कि एक-दो दिनों तक इसी तरह आसमान में बादल छाए रहेंगे, लेकिन बारिश की संभावना बहुत कम है। जिससे तापमान एकबार फिर से बढ़ेगा। 15 जून से प्री-मानसून की बारिश कुछ जिलों में दस्तक दे सकती है। जिससे लोगों को राहत मिलेगी। अगर सब कुछ ठीक रहा तो मानसून 28 जून तक राज्य में पहुंच जाएगा।