फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक्शन मूड में मार्केट कमेटी : आढ़त की दुकानों में दूसरे कारोबार करने वालों को थमाया तीसरा नोटिस, इसके बाद शुरू होगी प्लाट रिज्यू

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

करनाल। नई अनाज मंडी में आढ़त के नाम पर दुकानें लेकर उन्हें दूसरे कारोबार शुरू करने या फिर कराने वाले व्यापारियों के खिलाफ मार्केट कमेटी ने कड़ा रुख अपना लिया है। कमेटी की ओर से अब मंडी के 77 व्यापारियों को तीसरा नोटिस भेजा गया है। एक्ट के तहत तीसरे नोटिस के बाद कमेटी प्लाटों को रिज्यूम करने की प्रक्रिया अपनाएगी।
तीसरा नोटिस मिलते ही मंडी के व्यापारियों के पसीने छूटने लगे हैं और वो बचने के लिए भागदौड़ कर रहे हैं। इतना ही नहीं अपने आकाओं के दम पर अब मार्केट कमेटी के अधिकारियों पर भी दबाव बनाया जा रहा है।
विज्ञापन

बता दें कि अमर उजाला ने इस मामले को लेकर मई माह में सिलसिलेवार समाचार प्रकाशित किए थे और बताया था कि मंडी में कुल 427 दुकानों से 77 दुकानों में आढ़त के अलावा दूसरे कारोबार किए जा रहे हैं। जो मार्केटिंग बोर्ड एक्ट के खिलाफ हैं। बावजूद इसके मंडी के व्यापारी धड़ल्ले से ऐसा कर रहे हैं। इस पर मार्केट कमेटी ने सर्वे करके सभी दुकानदारों को नोटिस थमाए थे। एक्ट के अनुसार, प्लाट रिज्यूम करने से पहले संबंधित आढ़ती को तीन नोटिस देने होते हैं। इसके बाद कमेटी आगामी कार्रवाई कर सकती है। अब कमेटी ने संबंधित लोगों को तीसरा नोटिस भी जारी कर दिया है। इसके बाद अब कमेटी आगामी एक्शन ले सकेगी।

शर्तों के साथ रियायती दरों पर मिले हैं प्लाट
बता दें कि वर्ष 1998 में नई अनाज मंडी शुरू हुई थी, इसमें सरकार की ओर से आढ़तियों को रियायती दरों पर प्लाट उपलब्ध कराए गए थे। इन प्लाटों को लेते समय एक्ट के तहत कई शर्तें भी रखी गई थी। इनमें मुख्य शर्त ये थी कि आढ़ती इन दुकानों में आढ़त के अलावा दूसरा कारोबार नहीं कर सकेंगे, लेकिन करनाल के आढ़तियों ने इस नियम का खुलमखला उल्लंघन किया और धड़ाधड़ दुकानों में दूसरे कार्य शुरू कर दिए। एक के बाद कई आढ़तियों ने अपनी दुकानों में बैंक खुलवा दिए तो किसी ने एटीएम बूथ। किसी ने ढाबा तो किसी ने खाद बीज की दुकानें खुलवा दी।

बड़ी धांधली : रिन्यू कैसे हो रहे लाइसेंस
हैरान करने वाली बात ये है कि मंडी में आढ़त की दुकानों में कई सालों से दूसरे कारोबार किये जा रहे हैं, लेकिन हर साल मंडी के अधिकारी संबंधित आढ़ती को आढ़त का लाइसेंस भी जारी कर रहे हैं। ऐसे में ये सब मिलीभगत के दम पर किया जा रहा है। सवाल ये है कि जब दुकानों में आढ़त का कारोबार किया ही नहीं जा रहा है तो उन्हें लाइसेंस क्यों जारी किये जा रहे हैं? सूत्रों का दावा है कि लाइसेंस देने को लेकर भी भ्रष्टाचार का खेल खेला जाता है। अगर इसकी जांच कराई तो कई लोग लपेटे में आ सकते हैं।

ये बड़ा खेल है, पूरे मामले का पर्दाफाश करके ही लूंगा दम : शर्मा
इस मामले में सीएम विंडो पर शिकायत देने वाले समाजसेवी एडवोकेट राजेश शर्मा का कहना है कि ये सामान्य बात नहीं है। ये बड़े लेवल का खेल है, इसलिए इस मामले में शामिल सभी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कराने के बाद ही दम लूंगा। क्योंकि बिना अधिकारियों की मिलीभगत के आढ़त की दुकानों को व्यापारी दूसरे कारोबारों में प्रयोग नहीं कर सकते। मंडी तो चार तो बैंक खुले हुए हैं, जिनसे आढ़ती मोटा किराया वसूल रहे हैं। नई अनाज मंडी नियमों के खिलाफ कार्य हो रहा है, कमेटी ने तीसरा नोटिस जारी किया है, अगर प्लाट रिज्यूम नहीं किये तो वे अदालत का दरवाजा भी खटखटाएंगे।
विज्ञापन


कमेटी के अधिकारी मुंह खोलने को तैयार नहीं
खास बात ये है कि बेशक मंडी के अधिकारियों ने आढ़तियों को तीसरा नोटिस थमा दिया हो, बावजूद इसके कोई भी अधिकारी मीडिया से बातचीत करने से बच रहा है। मार्केट कमेटी के सचिव बलवान सिंह, डीएमईओ महाबीर सिंह कुछ भी कहने से बच रहे हैं। डीएमईओ महाबीर सिंह का कहना है कि नियमों के अनुसार ही कार्य होना चाहिए। हालांकि, तीसरे नोटिस की पुष्टि करते हुए एक कर्मचारी ने बताया कि सभी के नोटिस तैयार कर लिये हैं और आढ़तियों को दिए जा रहे हैं। इसके बाद एक्ट के अनुसार, कमेटी आढ़तियों के प्लाट रिज्यूम कर सकती है। ऐसा ही मामला समालखा पानीपत की मंडी में सामने आया था और वहां भी प्लाटों को रिज्यूम करने के आदेश जारी हुए थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें