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ई-ट्रेडिंग व किसानों के खाते में डायरेक्ट पेमेंट के विरोध में एकजुट हुए प्रदेशभर के आढ़ती, उपचुनाव से पहले 23 को जींद में करेंगे

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अमर उजाला ब्यूरो
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करनाल। सरकार द्वारा ई-ट्रेडिंग और किसानों के खाते में डायरेक्ट पेमेंट करने के फैसले के विरोध में प्रदेभर के आढ़ती एकजुट होने लगे हैं। जींद उपचुनाव से पहले सरकार पर दबाव बनाने के लिए आढ़तियों ने पूरी तैयारी कर ली है। आढ़तियों ने फैसला लिया है कि वे जींद में 23 जनवरी को विरोध में महारैली करेंगे और मांगें सरकार के सामने रखेंगे। यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो वे भाजपा का बहिष्कार करें, लेकिन इससे पहले 15 जनवरी को प्रदेशभर की अनाज मंडी बंद रहेगी और जिला स्तर पर सभी आढ़ती एकत्रित होकर पहले सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन करेंगे और फिर डीसी को ज्ञापन सौंपेंगे।
यह फैसला हरियाणा स्टेट अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन ने बुधवार को करनाल क्लब में करनाल नई अनाज मंडी के प्रधान रजनीश चौधरी द्वारा आयोजित एक बैठक में लिया गया। यह बैठक प्रदेशाध्यक्ष अशोक गुप्ता की अध्यक्षता में हुई। इसमें प्रदेशभर की करीब 14 अनाज मंडियों के प्रधान शामिल रहे। बैठक में सभी प्रधानों ने अपने-अपनी बात रखी और किसानों के खाते में डायरेक्ट पेमेंट करने और ई-ट्रेडिंग का विरोध किया। इस मौके पर अंबाला से दुलीचंद, फतेहाबाद से प्रेमचंद, करनाल से रजनीश चौधरी, पलवल से तीर्थ देशवाल, दादरी से रामकुमार, सिरसा से सुरिंद्र, पानीपत से धर्मबीर मलिक, यमुनानगर से शिवकुमार, रोहतक से हर्ष गिरधर, कैथल से अश्विनी, जींद से नरेंद्र संधु, पंचकुला से विकास अग्रवाल, भिवानी से सुभाष मित्तल, सोनीपत से पवन गुप्ता, कुरुक्षेत्र से विकास सिंघल आदि मौजूद रहे।
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चार सालों में छह बार मिल चुके हैं सीएम से
हरियाणा स्टेट अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष अशोक गुप्ता और लाडवा अनाज मंडी के प्रधान ने बताया कि ई-ट्रेडिंग और किसानों के खाते में डायरेक्ट पेमेंट कर सरकार अनाज मंडियों को खत्म करना चाहती है। सरकार के इस निर्णय से किसानों और आढ़तियों के बीच बने रिश्ते में दरार आ रही है। इससे किसानों को नुकसान हो रहा है। इस बारे में वह चार साल में छह बार सीएम मनोहर लाल से मिल चुके हैं और इनकी खामियां भी बताई है, लेकिन सीएम ने हर बार उन्हें आश्वासन ही दिया है। अब दोबारा से सरकार किसानों का रजिस्ट्रेशन कर रही है।
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मंडी में नहीं घुसने देंगे विधायक और मंत्रियों को
प्रदेशाध्यक्ष अशोक गुप्ता ने दावा किया कि 70 प्रतिशत आढ़ती भाजपा पार्टी से संबंधित है, यदि सरकार ने उनकी मांग नहीं मानी तो वे भाजपा का बहिष्कार करेंगे और मंडी में विधायकों व मंत्रियों को घुसने नहीं दिया जाएगा। इसके लिए बाकायदा आढ़तियों की जिम्मेदारियां लगाईं जाएंगी।
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