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पार्किंग के नाम पर हो रही दो गुणा अवैध वसूली

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अमर उजाला ब्यूरो
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करनाल।
शहर में पार्किंग के नाम पर खुला खेल चल रहा है। शहरवासियों से वाहन पार्क करने के नाम पर दो से तीन गुना तक राशि वसूली जा रही है। बड़ी बात ये है कि ये सब कुछ आला अधिकारियों की नाक के नीचे चल रहा है, लेकिन कार्रवाई तो दूर वे खुद को इस अवैध वसूली की जानकारी तक से इंकार कर रहे हैं।
रोजाना हजारों लोगों से की जा रही इस ठगी का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि मेडिकल कॉलेज में तो रेट लिस्ट तक नहीं लगाई गई, उधर बस पर निर्धारित रेट लिस्ट तो लगाई गई है, लेकिन उसे कपड़े से ढका हुआ है, ताकि वह वाहन चालकों न दिख सके और मनमाने पैसे वसूल सकें। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज और बस स्टैंड पर पार्किंग माफिया वाहन चालकों से दो से तीन गुना किराया वसूल रहा है। वाहन चालकों से हो रही इस लूट के बारे में उस विभाग के उच्च अधिकारियों को सब मालूम है। पार्किंग संचालक के खिलाफ शिकायत आने पर विभाग के अधिकारी नोटिस भेजने की बात कहकर मामले को रफा-दफा कर देते हैं। यही कारण है पार्किंग संचालक वाहन चालकों से दो से तीन गुना अवैध वसूली करने से नहीं रुक रहे हैं। इससे अंदेशा है कि ये सब प्रशासन की मिलीभगत से चल रहा है।
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बता दें बस स्टैंड पर करीब एक दिन में 500 से ज्यादा बाइक पार्किंग में आती हैं। बाइक चालक से वे तीन गुना अवैध वसूली करते हैं तो इसी प्रकार कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में भी एक दिन में 500 से ज्यादा बाइक पार्किंग में आती है, जिनसे पार्किंग संचालक दो गुना किराया लेता है। ज्यादा रेट को लेकर रोजाना लोगों की बहस और झगड़े तक होते हैं, बावजूद इसके ये धंधा जारी है।


ये हैं निर्धारित रेट
बस स्टैंड साइकिल का रेट 1 रुपये -बाइक का रेट 5 रुपये
कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज -बाइक का रेट 5 रुपये -कार का रेट 20 रुपये

पुराने बस स्टैंड पर लिए जा रहे हैं आठ घंटे के 15 रुपये
पुराने बस स्टैंड पर बनी पार्किंग में बाइक खड़ी करने के पांच रुपये हैं, लेकिन पार्किंग संचालक बाइक चालकों से आठ घंटे को 15 रुपये ले रहा है। यदि आठ घंटे से एक दो मिनट आगे हो जाए तो फिर 15 रुपये और जोड़ देता है। इसी प्रकार 24 घंटे तक बाइक पार्किंग में खड़ी करनी है तो उसके वह चार गुणा रुपये लेता है। कई वाहन चालकों ने इसका विरोध भी किया है और रोडवेज विभाग को शिकायत भी दी है, लेकिन इसके बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। हालांकि, इस बारे में कई बार रोडवेज अधिकारियों को शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन ठेकेदार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।

रेट लिस्ट पर डाल रखा है कपड़ा
बस स्टैंड की पार्किंग पर एक बोर्ड लगा हुआ है। इस बोर्ड पर वाहनों से किराया लेने के रेट लिखे हुए हैं। पार्किंग संचालक ने बोर्ड छिपाने के लिए कपड़ा डाला हुआ है, ताकि वाहन चालकों को वह रेट लिस्ट न दिखाई दे। इसी तरह बस स्टैंड पार्किंग में कार को खड़ी करने की कोई जगह नहीं है, इसलिए कार को पार्किंग में रखा करने के लिए भी कोई रेट नहीं बनाया गया है। इस बारे में रोडवेज के अधिकारी एक दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं।

मेडिकल कॉलेज में नहीं लगाई रेट लिस्ट, पांच की जगह ले रहे हैं दस रुपये
कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कालेज में पार्किंग का ठेका 17.55 लाख रुपये में दिया हुआ है। इसमें बाइक से पांच और कार से बीस रुपये किराया लेना निर्धारित किया गया है। पार्किंग संचालक बाइक चालकों से दस रुपए वसूल रहा है। इतना ही नहीं पार्किंग संचालक ने पार्किंग में वाहन खड़े करने के लिए रेट का बोर्ड भी नहीं लगा हुआ है। इसलिए पार्किंग संचालक मरीजों से अवैध वसूली कर रहा है।


मेडिकल कॉलेज में पार्किंग संचालक ने रेट लिस्ट का कोई बोर्ड नहीं लगाया है और वह बाइक चालकों से ज्यादा रुपये ले रहा है। इस बारे में उसे नोटिस भेजा गया है। यदि वह फिर भी वाहन चालकों से ज्यादा रुपये ले रहा है तो उसे दोबारा नोटिस भेज कर उसका ठेका भी रद्द किया जाएगा।
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-डॉ. सुरेंद्र कश्यप, निदेशक, कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज, करनाल।


जांच कराएंगे : जीएम इस बारे में कोई लिखित शिकायत नहीं आई है। अगर ऐसा है तो वे इसकी जांच कराएंगे, ताकि लोगों से ज्यादा पैसे न वसूले जाएं। रोडवेज के अनुसार रेट लिस्ट निर्धारित की हुई है, इससे ज्यादा पैसे ठेकेदार नहीं वसूल सकता है। -अश्वनी कुमार, जीएम रोडवेज।
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