करनाल। धान घोटाला में रोज नया खुलासा हो रहा है। घोटाला का दायरा भी बढ़ रहा है। रविवार को जिला प्रशासन की ओर से किए गए भौतिक सत्यापन में इंद्री के यूनाइटेड पड्ड राइस मिल में भी एक हजार मीट्रिक टन धान गायब मिला। इस धान की कीमत लगभग 2.38 करोड़ रुपये आंकी गई है। मामले में थाना बुटाना में एफआईआर दर्ज की गई है।
रविवार को डीसी, एसडीएम इंद्री और डीएफएससी की संयुक्त टीम ने यूनाइटेड राइस मिल के धान स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया था। मिल को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से 3700 मीट्रिक टन धान अलॉट किया गया था। जांच में मिल परिसर में केवल 2700 मीट्रिक टन धान ही मिला। जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक की शिकायत पर मिल मालिक नसीब सिंह, संतोष रानी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
थाना बुटाना पुलिस प्रभारी राजपाल ने बताया कि जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से मिली शिकायत के अनुसार धान के स्टॉक में गड़बड़ी की बात सामने आई है। शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। नियमानुसार जांच की जाएगी।
असंध में कम पाया गया था 9.25 करोड़ का धान
इससे पहले असंध की दो मिलों में करीब 9.25 करोड़ रुपये का धान कम पाया गया था। वहीं सग्गा और पखाना की राइस मिलों के भौतिक निरीक्षण के दौरान स्टॉक कम मिलने पर मामला दर्ज हो चुका है। राइस मिलों में धान का स्टॉक कम मिलने पर चौथी एफआईआर दर्ज की गई है। असंध के मामले में एक आरोपी सुनील गोयल का पुलिस ने तीन दिन का रिमांड लिया हुआ है। उससे पूछताछ की जा रही है।
विभागीय इंस्पेक्टर पर उठे सवाल
एफआईआर में मिल मालिक नसीब सिंह, साझेदार संतोष रानी समेत अन्य जिम्मेदारों को आरोपी बनाया गया है। डीएफएससी कार्यालय के इंस्पेक्टर की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में धान कैसे गायब हो गया और विभागीय निगरानी में यह अनियमितता पकड़ी नहीं गई। मामले में धोखाधड़ी के साथ सरकारी अनाज के दुरुपयोग का केस किया गया है। पुलिस अब मिल मालिकों, कर्मचारियों और विभागीय अधिकारियों से पूछताछ करेगी। जांच एजेंसियां धान की हेराफेरी के पीछे संभावित सिंडिकेट और मिलों के बीच कनेक्शन की भी जांच कर रही हैं।
फर्जी गेटपास मामला
ऑक्शन रिकॉर्डर यशपाल को किया निलंबित
गिरफ्तारी के लिए पुलिस दे रही दबिश, सीआईए टू कर रही मामले की जांच, आढ़तियों से पूछताछ जारी
करनाल। करनाल अनाज मंडी में हुए फर्जी गेट पास मामले में आरोपी ऑक्शन रिकॉर्डर यशपाल को मुख्यालय की ओर से निलंबित कर दिया गया है। हालांकि उसका नाम एफआईआर में नहीं था। लेकिन पुलिस जांच में सामने आया कि निलंबित मंडी सुपरवाइजर पंकज तुली और ऑक्शन रिकॉर्डर यशपाल ने सचिव आशा रानी (निलंबित) से मिलकर फर्जी गेटपास कटवाए थे। वहीं मंडी सचिव आशा रानी के निलंबन के बाद रोहतक के मार्केट कमेटी सचिव उमेश दांगी को करनाल मंडी का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।
पुलिस के अनुसार यशपाल के पास तरावड़ी मंडी के साथ-साथ करनाल की अनाज मंडी का अतिरिक्त चार्ज था। मामले में पुलिस दो कंप्यूटर अंकुश और अंकित को गिरफ्तार करके जेल भेज चुकी है। हरियाणा स्टेट एग्रीकल्चरल मार्केंटिंग बोर्ड के मुख्य प्रशासक मुकेश आहुजा ने शुक्रवार को यशपाल के निलंबन के आदेश जारी किए। निलंबन के बाद आगामी आदेशों तक ऑक्शन रिकॉर्डर को रोहतक में जेडएमईओ कार्यालय में हाजिरी देनी होगी। मुख्यालय की अनुमति के बिना कार्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।
सीआईए टू की टीम सचिव आशा रानी और यशपाल की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। सचिव आशा रानी, ऑक्शन रिकॉर्डर यशपाल सहित शामिल अन्य कर्मचारी कार्यालय नहीं आ रहे। इसके अलावा एफआईआर में शामिल कर्मचारी राजेंद्र, अजय कुमार और अमित कुमार भी गिरफ्तार नहीं हुए हैं। डीएमईओ ईश्वर सिंह की शिकायत पर चार नवंबर को मंडी सचिव आशा रानी, मंडी कर्मचारी राजेंद्र कुमार, अजय कुमार व अमित कुमार के खिलाफ करनाल शहर थाने में मामला दर्ज किया गया था। बताया जा रहा है कि सचिव आशा रानी की अग्रिम जमानत की याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया है।
करनाल मंडी में फर्जी गेट पास के मामले में निलंबित मार्केट कमेटी सचिव आशा रानी और ऑक्शन रिकॉर्डर यशपाल की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। एफआईआर में शामिल अन्य कर्मचारी भी जल्द पकड़े जाएंगे। जांच जारी है। जांच के बाद ही खुलासा हो पाएगा। -मुकेश कुमार, जांच अधिकारी, सीआईए टू, करनाल