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इंटरनेट सेवा ठप होने से कारोबार को 100 करोड़ से अधिक की चपत

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कर्णनगरी में दो दिनों से बंद इंटरनेट सेवा से डिजिटल कारोबार को 100 करोड़ रुपये से अधिक की चोट लगी है। आर्डर बुक नहीं हो रहे, डिलीवरी भी ठहर गई। यूपीआई आदि से भुगतान भी ठप है। इसके अलावा न तो लोगों की गैस बुक हो पा रही है और न ही अटल सेवा केंद्रों, सरल केंद्रों पर प्रमाण पत्र बन पा रहे हैं, क्योंकि ओटीपी नहीं आ रहे हैं। ऑनलाइन शॉपिंग तो बंद है ही, युवा मनचाही वेबसाइटों पर सर्चिंग भी नहीं कर पा रहे हैं, जिससे लोगों की छुट्टियों में भी खलल पड़ रहा है। बच्चों की आनलाइन पढ़ाई और गेम भी बंद हैं। सबसे खास बात तो यह है कि इतना सब कुछ होने के बावजूद शासन या जिला प्रशासन की ओर से इस बाबत कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की गई है कि आखिर इंटरनेट सेवाएं कब तक बंद रखी जाएंगी। सूत्रों के अनुसार यह इंटरनेट व्यवस्था पांच दिन प्रभावित रह सकती है।
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अटल सेवा केंद्र संचालक कुलदीप चौहान ने बताया कि डोमिसाइल हो या फिर अन्य प्रमाण पत्र, यह तभी भरे जाते हैं जब संबंधित व्यक्ति के मोबाइल फोन पर ओटीपी आता है। इंटरनेट सेवा बंद होने के कारण ओटीपी नहीं आ रहे हैं। इसी तरह कई अन्य सेवाएं भी हैं, जिनमें एसएमएस या फिर ओटीपी अनिवार्य है। यह सभी सेवाएं इंटरनेट सेवा बंद होने के कारण प्रभावित हो रही है। बड़ी संख्या में लोग वापस लौट गए है। इससे कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। यही स्थिति शहर व गांव गांव स्थापित अन्य सीएससी की भी है।
हर रोज हो रहा 50 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित
जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक सुरिंद्र सिंघाल ने बताया कि बैंकों में लीज लाइन होने के कारण शाखाओं में आकर होने वाले कार्य तो हो रहे हैं, लेकिन डिजिटाइलेशन वाले सभी कार्य प्रभावित हैं। कारोबार पर असर पड़ रहा है। क्योंकि दुकानों पर लगी पॉस मशीनें काम नहीं कर पा रही हैं, ओटीपी व एसएमएस नहीं आ रहे हैं। एटीएम, पॉस मशीनों व अन्य डिजिटल लेनदेन से करीब 50 करोड़ रुपये का लेनदेन होता है। पिछले दो दिनों में करीब 100 करोड़ रुपये का कार्य प्रभावित होने की संभावना है।
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नेट बंद है, उतने दिन तो व्यर्थ ही चले जाएंगे। जब सरकार नेट बंद करती है तो मोबाइल फोन कंपनियों को यह भी आदेश देना चाहिए कि इतने दिनों की बैलिडिटी को अतिरिक्त बढ़ाया जाना चाहिए। जो डाटा प्लान के तहत रोजाना फ्री मिलता है, वह तो बिना उपयोग के ही व्यर्थ हो गया। कंपनियों को सीधे तौर पर करोड़ो की बचत हो गई, कंपनियों से वह डाटा दिलाया जाना चाहिए।
-अमित राना, फ्रूट कंपनी अनाज मंडी करनाल।
-घर में गैस खत्म हो रही है, ऑन लाइन बुकिंग नहीं हो पा रही है। जिससे घर में भोजन बनने में भी परेशानी हो सकती है। सरकार पहले तो कहती है कि सभी डिजिटल का प्रयोग करो, जब लोग करने लगे तो इंटरनेट बंद करने लगी। सवाल यह है कि इसमें किसी आम उपभोक्ता की गलती नहीं है, तो फिर इसका खामियाजा आम नागरिक को क्यों भुगतना पड़ रहा है।
-विश्वास सीतामई
-रविवार को अवकाश रहता है, पूरे दिन कारोबारी लेनदेन तो होता ही है, साथ ही पूरे दिन फिल्म देखने, नेट सर्चिंग, वीडियो कॉलिंग व अन्य सोशल मीडिया साइट्स पर दोस्तों से बातचीत करने में बीतता था लेकिन दो दिन से मोबाइल फोन तो है लेकिन व्यर्थ है। ना तो कारोबारी कार्य हो रहा है और ही खुद का मनोरंजन हो पा रहा है। सरकार से इसे तत्काल खोलना चाहिए।
-सिमरन जीत सिंह, निसिंग।
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अब तो ऑनलाइन शॉपिंग का जमाना है, सभी लोग छुट्टी में घर पर रहते हैं तो शॉपिंग करते हैं। कई अन्य लोगों को भुगतान भी करना होता है। लेकिन दो दिनों से ना तो कोई शॉपिंग हो सकी और ना ही किसी का भुगतान दिया जा सका। इंटरनेट ठप होने से तो छुट्टियां ही बेकार हो गई हैं। कहीं की कोई सूचना ही नहीं मिल पा रही है। सरकार को इसका ध्यान रखना चाहिए।
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-कर्णजीत सिंह निसिंग
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