माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। बढ़ते पेट्रोल और डीजल के दामों में कटौती के बाद परिवहन विभाग ने भी ट्रांसपोर्टर्स को राहत दी है। उन्हें वाहन गुड्स एवं पैसेंजर टैक्स का भुगतान करने पर 10 प्रतिशत की छूट मिलेगी। हालांकि यह छूट केवल सालाना टैक्स का एकमुश्त भुगतान करने पर ही मिलेगी। छमाही या इससे कम अवधि में टैक्स जमा कराने पर छूट नहीं होगी।
विभाग की इस छूट से ट्रांसपोर्टर्स को काफी राहत मिलेगी। ई-रिक्शा से लेकर ट्रक और बस सभी वाहनों को इसके दायरे में रखा गया है। टैक्स का भुगतान क्वार्टर, छमाही और वार्षिक मद में होता है। यदि ट्रक के टैक्स की बात करें तो क्वार्टर 6330 रुपये जमा कराना होता है। यदि वह सामान्यतया सालाना एकमुश्त भरता था तो 25000 रुपये बनता है। छूट के बाद उन्हें 22500 रुपये का ही भुगतान करना होगा। जिले में परिवहन विभाग के पास करीब 90 हजार वाहन पंजीकृत हैं। इनमें ट्रक के अलावा स्कूल बस और करीब छह हजार ई-रिक्शा हैं। ब्यूरो
लॉकडाउन में मिली थी 40 प्रतिशत छूट
परिवहन विभाग ने लॉकडाउन के बाद भी वाहन चालकों को टैक्स में छूट दी थी। उन्हें लॉकडाउन के बाद टैक्स में 40 प्रतिशत तक छूट दी गई थी। हालांकि बाद में इस छूट को खत्म कर दिया गया था। इससे पहले 2020 में लॉकडाउन के दौरान दो माह के टैक्स पर छूट दी गई थी, क्योंकि उन दिनों वाहन नहीं चल पाए थे। ऐसे में जिनका टैक्स जुलाई में खत्म हुआ था, उन्हें सितंबर तक छूट दी गई थी। सितंबर के बाद उनसे आगे टैक्स लिया गया।
फर्जी टैक्स भरने वाले सक्रिय, रहें सावधान
इधर प्रदेश में ऑनलाइन रोड टैक्स के नाम पर भी ठगी का खेल चल रहा है। कई जिलों से इस तरह के मामले सामने आ गए हैं। ट्रांसपोर्टरों को इनसे बचना चाहिए, क्योंकि कई जिलों में ऐसे फर्जी लोग ऑनलाइन टैक्स भरने के लिए सड़क किनारे खोखे लगाकर बैठे हैं। इनसे टैक्स न भरवाएं, ऐसे लोग फर्जी रसीद भी दे सकते हैं। पिछले दिनों घरौंडा में ऐसा मामला सामने आया था।
इस वाहन का इतना है टैक्स
वाहन क्वार्टर छमाही सालाना
ई-रिक्शा 500 1000 2000
ट्रक 6330 12660 25000
बस(42 सीट) 1750 3500 7000
बस(23 सीट) 1250 2500 5000
10 प्रतिशत छूट के बाद इतना होगा सालाना भुगतान
वाहन असल टैक्स छूट के बाद
ई-रिक्शा 2000 1800
ट्रक 25000 22500
बस (42 सीट) 7000 6300
बस(23 सीट) 5000 4500
विभाग की ओर से टैक्स का भुगतान करने वाले सॉफ्टवेयर पर यह छूट अपलोड कर दी गई है। यदि कोई सालाना टैक्स भरेगा तो उसे स्वत: ही पोर्टल छूट के बाद टैक्स की राशि बताएगा। सालाना से कम अवधि का टैक्स भरने पर छूट नहीं है। टैक्स परिवहन विभाग के कार्यालय या खुद भी ऑनलाइन भरा जा सकता है।
- सतीश जैन, सहायक सचिव, आरटीए