संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शहर के लक्ष्मी नारायण मंदिर में आयोजित सात दिवसीय महा शिवपुराण कथा में शनिवार को पांचवे दिन भी जारी रही। कथा के दौरान पंडाल में पहुंचे सांसद नीवन जिंदल को महामंडलेश्वर स्वामी यमुनापुरी व आयोजको ने उन्हे सम्मानित किया। इस कथा में 1008 स्वामी यमुनापुरी ने कहा कि जब तक आपकी आत्मा भूखी रहेगी तब तक आप सुखी न रह सकोगे।
उन्होंने कहा कि भक्त का जन्म मन में होता है, ओर कथा सुनने से ज्ञान की प्राप्ति होती है। उन्होंने श्रद्धालुओं को समझाते हुए कहा कि कर्मन्द्रियों से ज्ञान इन्द्रियां ज्यादा प्यारी होती है और ज्ञान इन्द्रियों से प्राण ज्यादा प्यारे हैं। तब और प्राण से ज्यादा प्यारी आत्मा होती है और आत्मा इसलिए प्यारी होती है। वह हमारा शुद्ध, शाश्वत स्वरूप है।
महामंडले स्वामी यमुनापुरी ने बताया कि भोजन तीन प्रकार का होता है-शरीर का भोजन, खाना पीना होता है। मन का भोजन, घुमना, फिरना व नाचना होता है। आत्मा का भोजन, ज्ञान होता है। जब तक आत्मा भुखी रहेगी, तब तक आप सुखी होने वाले नहीं हो।
महामंडले स्वामी यमुनापुरी ने बताया कि व्रत का मतलब संकल्प करना, उन पर खरे उतरना है, उसको बार बार बदलना नहीं। जिसका संकल्प दृढ़ होता है, उसकी मदद प्रकृति भी करती है। अपनी आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का नाम ही योग है।
इस कथा में सैंकड़ो की संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण करने के लिए पहुंचे। सदस्य मनोज सिंगला व मोनू गोयल ने बताया कि कथा में दिन प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है। कथा के समापन पर विशाल भंडारे लगाया जाता है। जिसमें सैंकड़ों श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करते है।
इस मौके पर राम प्रताप गोयल, मनोज सिंगला, पवन गर्ग, गौतम अग्रवाल, मोनू गोयल, संजीव चौधरी, सुरेंद्र आरेवाले, सुशील गर्ग, पप्पू आरेवाले, राकेश गर्ग, रतन लाल, गोपाल गर्ग, राम कैलाश गोयल, सुरेंद्र किछाणिया व अन्य सदस्य मौजूद रहे।