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योग को दिनचर्या में अवश्य शामिल करें : जयभगवान

Sun, 25 May 2025 12:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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गुहला-चीका। पतंजलि योगपीठ हरिद्वार एवं भारत स्वाभिमान ट्रस्ट की ओर से ताऊ देवीलाल पार्क चीका में आयोजित पांच दिवसीय रोगानुसार निःशुल्क योग विज्ञान शिविर के चौथे दिन शनिवार को भी जारी रहा। इस मौके पर भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के तहसील प्रभारी जयभगवान प्रजापति ने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी दिनचर्या में योग को जरूर शामिल करना चाहिए।

इस शिविर में पतंजलि जिला प्रभारी एवं आचार्य हरिओम शोकल ने कपालभाति, अनुलोम विलोम, सूर्य नमस्कार, शीर्षासन आदि के बारे में बताया व साथ ही योग के फायदे बताए। उन्होंने कहा की स्वस्थ तन में ही स्वस्थ मन का निवास होता है। शरीर स्वस्थ रखने के लिए योग करना आवश्यक है। आज के व्यस्त जिंदगी में लोग अपने शरीर पर ध्यान नहीं देते हैं जिससे वे बराबर अस्वस्थ रहते हैं।
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मीडिया प्रभारी गुरमीत सीड़ा, इंद्रमोहन मितल, राकेश उर्फ बोबी, शीशपाल प्रजापति, कश्मीर लाल गर्ग ने लोगों को अपने जीवन में योग को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि योग यौवन का सागर है। हम उतने ही नौजवान रहते हैं जितनी रीढ़ की हड्डी लचीली रहती है।

तहसील प्रभारी चरणदास गुप्ता ने भस्त्रिका, कपालभाति, अनुलोम, विलोम, सूर्य नमस्कार इत्यादि योग क्रियाओं का अभ्यास कराया। उइस अवसर पर पतंजलि युवा तहसील प्रभारी महावीर प्रजापति, वरिष्ठ योग शिक्षक ईश्वर सिंगला, डिंपल कुमार, दीपक जिंदल, रामपाल चावला, सुशील जिंदल मौजूद रहे।

उधर, भारतीय योग संस्थान जिला इकाई चीका की ओर से लगाए गए पांच दिवसीय हड्डी रोग निवारण शिविर के दूसरे दिन का शुभारंभ संजीव मित्तल ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया। योग शिक्षक रविंद्र गर्ग ने हड्डी रोग के कारणों के साथ बचाव की विधियां भी बताई। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास से हम हड्डियों व जोड़ों के दर्द से बच सकते हैं।
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शिविर के दौरान अमित महाजन ने साधकों को सूक्ष्म क्रियाओं का अभ्यास करवाया। कुलदीप सिंगला ने भुजाओं की क्रियाएं करवाई और बताया कि इस अभ्यास से हमारे कंधे स्वस्थ बने रहते हैं। डॉ. विनोद गुप्ता, योग शिक्षक केवल जिंदल, प्रेम गर्ग ने साधकों को हड्डी रोग से संबंधित व जोड़ों के दर्द से राहत दिलवाने वाले आसान ग्रीवा चालन, चंद्रासन, सकंध चालन आसन, मरकट आसन का अभ्यास करवाया।

शिविर में साधकों को अलोम विलोम प्राणायाम, भ्रामरी व ध्यानासन व शांति पाठ करवाया गया। राजू वलैचा ने हंसी के मधुर कार्यक्रम से सभी को हंसाया।
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