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Kaithal News: लाठी पकड़ने की उम्र में योग का सहारा, दूसरों के लिए बने प्रेरणा

Fri, 20 Jun 2025 01:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। योग भारतीय संस्कृति की अनमोल धरोहर है। इसके माध्यम से न केवल असाध्य बीमारियों पर नियंत्रण पाया जा सकता है, बल्कि नियमित अभ्यास से व्यक्ति स्वस्थ और निरोगी भी रह सकता है। कैथल जिले में ऐसे कई वरिष्ठ नागरिक हैं जो लाठी पकड़ने की उम्र में भी खुद को योग के जरिए फिट और सक्रिय बनाए हुए हैं।

वे योग को अपना कर न सिर्फ स्वस्थ जीवन जी रहे बल्कि औरों को भी इसके तरीके सिखा रहे हैं। उनका कहना है कि योग केवल बीमारों के लिए नहीं, बल्कि स्वस्थ लोगों के लिए भी एक जीवनशैली बन चुका है। 75 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों ने योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाकर यह सिद्ध कर दिया है कि आयु कोई बाधा नहीं, यदि इच्छाशक्ति और अनुशासन साथ हो।
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इनमें एक नाम है चरणदास का और दूसरे सज्जन हैं कामरेड कृष्ण गर्ग। इनके उदाहरण स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि योग किसी भी उम्र में स्वास्थ्य के लिए अमृत है। योग केवल कसरत नहीं, बल्कि एक संतुलित जीवन जीने की कला है, जो तन, मन और आत्मा को जोड़कर व्यक्ति को स्वास्थ्य प्रदान करती है।

उम्र 75 वर्ष में भी हैं ऊर्जावान

इंडस्ट्रियल एरिया, वार्ड नंबर 16, चीका निवासी और पतंजलि तहसील प्रभारी, चरणदास गुप्ता पिछले 17 वर्षों से नियमित रूप से योग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि योग के कारण शरीर में आज भी स्फूर्ति और मन प्रसन्न रहता है। मैंने शुगर जैसी बीमारी को भी योग से नियंत्रित किया है। हर दिन प्राणायाम, कपालभाति और अन्य आसनों का अभ्यास करता हूं।
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योग को बनाया जीवनशैली

वार्ड नंबर 8 के निवासी और पतंजलि योग प्रचारक कामरेड कृष्ण गर्ग पिछले करीब 25 वर्षों से नियमित योग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब मेरी उम्र 72 वर्ष हो चुकी है, लेकिन नियमित योग के कारण मैं आज भी सभी दैनिक कार्य खुद करता हूं। योग से शरीर में ऊर्जा, ताजगी और सकारात्मक सोच बनी रहती है। दूसरों को भी योग के फायदे बताता हूं और योगाभ्यास के लिए प्रेरित भी करता हूं।
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