संवाद न्यूज, एजेंसी
कैथल। रोडवेज विभाग की वर्कशॉप में कर्मचारियों की भारी कमी के कारण बसों की समय पर मरम्मत नहीं हो पा रही है। दर्जनों बसें वर्कशॉप में खड़ी हैं और मरम्मत के इंतजार में हैं।
पिछले 15 दिनों से विभाग मुख्यालय के आदेश पर धुंध के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बसों पर फॉग लाइट और रिफ्लेक्टर टेप लगाने का काम चला रहा है, लेकिन कर्मचारियों की कमी के कारण अब तक 30 बसों पर यह काम पूरा नहीं हो सका। ठंड-धुंध बढ़ने के बावजूद ज्यादातर बसों पर फॉग लाइट व रिफ्लेक्टर टेप नहीं लगाए गए हैं।
वर्कशॉप के मैनेजर अनिल कुमार ने बताया कि कर्मचारियों की कमी को लेकर मुख्यालय को कई बार पत्र लिखे जा चुके हैं। फिलहाल वर्कशॉप में 204 स्वीकृत पदों में केवल 42 कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें से भी हर माह कई कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं, जिससे कर्मचारियों की संख्या लगातार घटती जा रही है।
आईटीआई के प्रशिक्षु छात्रों द्वारा कार्य चलाया जा रहा है, लेकिन उनकी संख्या भी सीमित है। लंबी दूरी पर चलने वाली बसों की समय पर मरम्मत न होने के कारण चालकों और यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
रिक्त पदों और मरम्मत में देरी से उत्पन्न समस्याएं ः डिपो में लगभग 169 बसें हैं। इनमें से कई बसें हर दो से पांच किलोमीटर पर पानी उबालने लगती हैं, रेडिएटर की खराब स्थिति के कारण। लंबी दूरी की बसें रात में देर से आती हैं और सुबह समय से चलती हैं, जिससे रात के समय मरम्मत पूरी नहीं हो पाती। यात्रियों को बीच रास्ते में दूसरी बस या निजी वाहन लेकर जाना पड़ता है।
चालकों को भी बसों की खराब स्थिति और मरम्मत में देरी के कारण परेशानी उठानी पड़ रही है।
आईटीआई प्रशिक्षु कम संख्या में कार्यरत ः मैनेजर अनिल कुमार ने बताया कि फॉग लाइट और रिफ्लेक्टर टेप लगाने का काम जारी है। कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने के लिए पत्र लिखा है।
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वर्कशॉप का मौजूदा हाल
स्वीकृत पद: 204
वर्तमान कर्मचारी: 42
रिक्त पद: 162
कार्यरत कर्मचारियों में से कई छुट्टी पर