संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। नगर निकाय कर्मचारियों की हड़ताल से आम जनता की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। नगर परिषद और नगरपालिकाओं में कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से प्रशासनिक कामकाज प्रभावित है। दफ्तरों पर ताले लटके होने के कारण लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भटकना पड़ रहा है।
सबसे अधिक परेशानी उन लोगों को हो रही है, जिन्हें बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र या मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने हैं। इसके अलावा प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने, नो ड्यूज सर्टिफिकेट (एनडीसी) लेने और नए पानी-सीवर कनेक्शन जैसे जरूरी काम भी प्रभावित हैं। जिले में करीब 2 हजार दस्तावेजों से संबंधित काम अटके होने की बात सामने आई है।
लोग सुबह से शाम तक नगर निकाय कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन काम नहीं होने के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि लंबे समय से जारी हड़ताल के कारण रोजमर्रा के जरूरी काम भी प्रभावित हो रहे हैं। कर्मचारी यूनियन के जिला सचिव शिवचरण ने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
सड़कों पर लगे कचरे के ढेर, दुर्गंध से हो रही िदक्कतें
हड़ताल का सबसे अधिक असर सफाई व्यवस्था पर पड़ा है। कई दिनों से कूड़ा उठान नहीं होने से मुख्य सड़कों, चौराहों और कॉलोनियों के बाहर कचरे के ढेर लग गए हैं। कई स्थानों पर कचरा सड़कों तक फैल गया है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश में कचरे से दुर्गंध फैल रही है। लोगों को आशंका है कि यदि जल्द सफाई बहाल नहीं हुई तो बीमारी फैलने का खतरा बढ़ सकता है। नगर पालिका कर्मचारी संघ का प्रधान महेंद्र के अनुसार, शहर में करीब 280 टन कचरा जमा है।