संवाद न्यूज एजेंसी
पूंडरी। कैथल मार्ग पर जलभराव की समस्या जस की तस बनी हुई है, जबकि बीते महीने प्रशासन ने इसके समाधान को लेकर बड़े-बड़े दावे किए थे। खबर प्रकाशित होने के बाद बीडीपीओ कार्यालय ने सरपंच को तत्काल निकासी के निर्देश दिए थे, लेकिन धरातल पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों की परेशानी दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। दुकानदार सुंदर नैन, आशु, महावीर, अमित शर्मा सहित अन्य ने आरोप लगाया कि प्रशासन केवल औपचारिक फोटो खिंचवाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेता है। कागज़ी आदेशों का अमल कभी नहीं होता, जिससे आमजन को राहत नहीं मिलती।
दुकानदारों का कहना है कि जलभराव से न केवल आने-जाने में दिक्कत है, बल्कि व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। गंदे पानी से उठती बदबू ने हालात और भी असहनीय बना दिए हैं। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन की सक्रियता केवल मीडिया रिपोर्ट और कैमरे तक सीमित रह गई है? क्या धरातल पर भी कुछ बदलाव देखने को मिलेगा, या फिर निर्देशों का सिलसिला कागज़ों तक ही सीमित रहेगा?
बीडीपीओ जगजीत सिंह ने कहा कि जलभराव की समस्या के संबंध में पहले भी निर्देश जारी किए गए थे और स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है। यदि अब तक समाधान नहीं हुआ है तो इसके लिए स्थानीय प्रतिनिधि जिम्मेदार हैं। हम पुनः संबंधितों को नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई करेंगे।