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Kaithal News: हवा की रफ्तार ने किया प्रदूषण पर वार

Sat, 02 Nov 2024 02:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। दिवाली पर हुई आतिशबाजी के बाद फिर से वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है। हालांकि पिछले साल के मुकाबले यह काफी कम रहा। इस बार आतिशबाजी का नतीजा रहा कि जिले में फिर से एक्यूआई 250 पार पहुंच गया है। दीपावली से पहले एक्यूआई महज 150 से नीचे था, जो शुक्रवार को 270 पर पहुंच गया।

गौरतलब है कि इस बार हवा चलने से प्रदूषण बढ़ने के बावजूद पिछले साल के मुकाबले काफी कम रहा। पिछली दिवाली पर हुई जोरदार आतिशबाजी के बाद ‘प्रदूषण बम’ फूट गया था। पटाखों क धमाकों और आतिशबाजी का नतीजा था जिले में एक्यूआई 300 के पार पहुंच गया है। दीपावली से पहले एक्यूआई महज 98 पर था, जो दिवाली पर 361 दर्ज किया गया था। यह खतरनाक माना जाता है।
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अबकी बार भी साधारण पटाखों पर प्रशासन ने पूरी तरह से बैन लगाया था और कृषि विभाग के अधिकारी भी फसल अवशेष प्रबंधन पर पूरी तरह से सक्रिय रहे, लेकिन प्रदूषण बम ने सब किए कराए पर पानी फेर दिया। सरकार की ओर से केवल ग्रीन पटाखों को ही चलाने की अनुमति दी गई थी। शहर में स्टालों पर तो इस बार पटाखे नहीं बिके, लेकिन लोगों ने गोदामों से पटाखों की खरीदारी की। इसके बाद लोगों ने जमकर पटाखे फोड़े।

देर रात 12 बजे तक आसमान में आतिशबाजी का शोर और पटाखों से निकलने वाली चिंगारियां दिखाई पड़ रही थी। वीरवार को लाेगों ने दिवाली मनाई और शुक्रवार को भी तमाम लोग दिवाली मनाते दिखे। ऐसे में ऐसे शनिवार को वायु प्रदूषण का स्तर और बढ़ सकता है।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कैथल के एसडीओ सतीश कुमार ने बताया कि वीरवार की रात करीब आठ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवा प्रदूषण स्तर को बढ़ने से रोकने में सहायक साबित हुई। एक्यूआई 270 दर्ज किया गया लेकिन पिछले साल के मुकाबले यह काफी रहा। गत वर्ष एक्यूआई 361 दर्ज किया गया था।

उधर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार बोर्ड की ओर से प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए कड़े प्रयास किए जा रहे है। पेड़ पौधों पर पानी का छिडक़ाव किया जा रहा है। बारिश के बाद प्रदूषण सामान्य था, दीपावली पर आतिशबाजी के बाद प्रदूषण बढ़ा है।

पराली जलाने के आए छह नए मामले

कैथल। जिले में पराली जलाने के मामलों लगातार आ रहे है। पिछले दो दिन में भी जिले में पराली जलाने के छह नए मामले आए हैं। जिले में सेटेलाइट की ओर से चिन्हित अब पराली जलाने के 143 मामले हो चुके हैं।

जिला प्रशासन ने पराली जलाने के मामले पर काफी सख्ती की है। इसके बावजूद यह मामले कम नहीं हो रहे हैं। जिले में अब तक 24 एफ़आईआर हो चुकी है। इनमें 21 किसानों को गिरफ्तार किया जा चुका है और 101 किसानों के खिलाफ रेड एंट्री की गई है, जिनमें सबसे ज्यादा 46 गुहला से हैं। कृषि विभाग ने लापरवाही बरतने में पर 42 कर्मचारियों को नोटिस भी दिया है।

तीन कर्मचारी सस्पेंड भी किए गए हैं। इसके साथ ही दो लाख 10 हजार रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। बता दें कि पराली जलाने के मामलों की जांच सेटेलाइट के माध्यम से की जाती है। पराली जलाने के मामले बढ़ने के बाद प्रदूषण का स्तर शुक्रवार को भी वायु प्रदूषण का स्तर 266 दर्ज किया गया है।
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जिला कृषि अधिकारी बाबू लाल ने बताया कि पराली जलाने के मामलों पर अंकुश लगाने का भरपूर प्रयास किया जा रहा है। जिले में 143 मामले पराली जलाने के आ चुके हैं। करीब दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। संवाद
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