संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। दिवाली से पहले जिले में नकली मिठाई और मिलावटी खोये का कारोबार बढ़ गया है। फूड सेफ्टी विभाग की टीम ने अब तक 56 सैंपल लिए हैं, लेकिन इनकी रिपोर्ट आने में अभी एक सप्ताह और लग सकता है। अधिकारियों की कमी और सैंपलों की जांच में समय लगने के कारण, त्योहारों के दौरान लोग यह मिलावटी मिठाई खा चुके होंगे। विभाग की लैब पर कई जिलों के सैंपलों का बोझ होने के कारण भी जांच में देरी हो रही है।
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. पवन चहल के पास हिसार के साथ-साथ कैथल का भी एडिशनल चार्ज है। उनके जिम्मे जिले के 10 हजार से अधिक खाद्य प्रतिष्ठानों की सैंपलिंग और 10 लाख से अधिक लोगों को शुद्ध खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी है। विभाग लगातार सैंपलिंग कर रहा है, लेकिन अधिकारियों पर वर्कलोड अधिक होने के कारण यह प्रभावित हो रही है।
पिछले एक सप्ताह में फूड सेफ्टी विभाग ने जिले में कई छापेमारी कर मिलावटखोरी का खुलासा किया। शुक्रवार को सीएम फ्लाइंग और विभाग की टीम ने एक मिठाई फैक्ट्री पर छापा मारा, जहां बड़ी मात्रा में रसगुल्ले और चमचम बनाई जा रही थी। फैक्ट्री में गंदगी और कीड़े-मक्खी मिले, और फैक्ट्री मालिक फरार हो गया। टीम ने 10 क्विंटल रसगुल्ले नष्ट किए। यह फैक्ट्री घटिया सामग्री से मिठाई बनाकर कई शहरों में सप्लाई करती थी।
इसके अलावा, विभाग ने बीकानेर से चंडीगढ़ जा रही क बस से करीब 20 क्विंटल नकली मावा जब्त किया था। मावा बस के लगेज एरिया में छिपाकर ले जाया जा रहा था। अधिकारियों ने सूचना पर बस को तितरम मोड़ पर रोका और नकली मावा अपने कब्जे में ले लिया।
विभाग की टीम रोजाना सैंपलिंग और चेकिंग कर रही है। शिकायत मिलने पर तुरंत जांच कर सैंपल भरे जाते हैं। डॉ. पवन चहल ने जनता से अपील की है कि यदि कहीं मिलावटी मिठाई या अन्य खाद्य पदार्थ मिलें, तो सिविल सर्जन कार्यालय या फूड सेफ्टी विभाग के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराएं। -डॉ. पवन चहल, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी, कैथल