संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले के निजी अस्पतालों में आयुष्मान भारत योजना के तहत ऑपरेशन बंद होने के बाद जिला नागरिक अस्पताल पर दबाव बढ़ गया है। स्थिति यह है कि महज 10 दिन में यहां करीब 200 ऑपरेशन हो चुके हैं। इनमें सबसे अधिक ऑपरेशन आंखों के हुए हैं, जबकि डिलीवरी के ऑपरेशनों के लिए चार अतिरिक्त निजी डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है। पिछले माह सरकारी अस्पताल में लगभग 250 ऑपरेशन हुए थे।
दरअसल, जिले के 12 निजी अस्पतालों को सरकार से करीब 15 करोड़ रुपये का बकाया भुगतान नहीं मिला है। इससे नाराज निजी अस्पताल संचालकों ने आयुष्मान योजना के तहत ऑपरेशन बंद कर दिए हैं।
इसका सीधा असर जिला नागरिक अस्पताल पर पड़ा है। पहले जहां रोजाना औसतन चार से पांच ऑपरेशन होते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 12 से 15 प्रतिदिन तक पहुंच गई है। मरीजों को अब सर्जरी के लिए 5 से 7 दिन का इंतजार करना पड़ रहा है।
दूसरी ओर इस संदर्भ में निजी अस्पताल संचालकों का कहना है कि जब तक बकाया राशि जारी नहीं होती, वे आयुष्मान योजना के तहत ऑपरेशन शुरू नहीं करेंगे। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के जिला सचिव डॉ. मयंक जैन ने कहा कि सरकार की अनदेखी के चलते हड़ताल जारी है। भुगतान होते ही संयुक्त रूप से निर्णय लेकर सेवाएं फिर से शुरू की जाएंगी।
आयुष्मान योजना के बकाया के चलते निजी अस्पतालों की हड़ताल के बाद जिला अस्पताल में अतिरिक्त व्यवस्थाएं की गई हैं। मरीजों की सुविधा के लिए अतिरिक्त चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है। अब सामान्य अस्पताल में भी आयुष्मान योजना के तहत ऑपरेशन करना शुरू कर दिए गए हैं। -डॉ. रेनू चावला, सिविल सर्जन, कैथल।
10 कैथल। जिला नागरिक अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर। संवाद