संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। गेहूं का सीजन शुरू होने से पहले प्रबंधों के बड़े बड़े दावे करने वाली सरकारी खरीद एजेंसियां आधे सीजन में ही हाफ गई है और उनकी गेहूं खरीद व लदान के दावों की हवा निकलती दिख रही है। चीका अनाज मंडी में बारदाना उपलब्ध ना करवाए जाने से लाखों क्विंटल गेहूं भराई के इंतजार में खुले में पड़ी है वहीं उठान ना होने के कारण मंडियों में बड़ी संख्या में बोरियों के ढेर लग गए है।
स्थानीय आढ़तियों ने उपायुक्त व एसडीएम से मिलकर पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध करवाने की मांग रखी थी, जिसके बाद उपायुक्त ने खरीद एजेंसियों को पर्याप्त बारदाना उपलब्ध करवाने को कहा था, लेकिन इसके बाद भी मंडियों में बारदाना की भारी किल्लत चल रही है। किसान जसबीर सिंह, अजमेर सिंह, रामपाल, हरविंद्र सिंह ने बताया कि बारदाना ना मिलने के चलते वे पिछले चार दिनों से मंडी में अपनी गेहंू की ढेरी का पहरा देने को मजबूर।
आढ़ती राजकुमार, राजेश कुमार, पुरुषोतम, ईश्वर, बलदेव सिंह, तरसेेम चंद, विक्रम ने कहा कि आढ़तियों का एक शिष्टमंडल जल्द ही मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिल खरीद एजेंसियों के अधिकारियों के प्रबंधों और उनकी कार्यप्रणाली से उन्हें अवगत करवाएंगे।
हैफेड के डीएम से मिले आढ़ती ः मंडी प्रधान कर्मचंद गर्ग की अगुवाई में आज चीका मंडी के आढ़ती डीएम हैफेड से मिले और जल्द से जल्द बारदाना उपलब्ध करवाने की मांग रखी। डीएम ने उन्हें जल्द बारदाना उपलब्ध करवाने का आश्वान दिया है।
कर्म चंद ने कहा कि डीएम द्वारा दिया गया आश्वासन तभी सच होगा जब उन्हें बारदाना मिल जाएगा, क्योंकि इस प्रकार के आश्वासन डीएम साहब पहले भी कई बार दे चुके हैं।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह ने बताया कि उनकी एजेंसी की ओर से पहले ही पर्याप्त मात्रा में बारदाना मंडी में वितरित कर दिया है। उनकी एजेंसी ने आज भी चीका मंडी में 52 हजार क्विंटल से अधिक गेहूं की खरीद की है। बारदाना की कमी व गेहूं खरीद बंद करने के आरोप बेबुनियाद है। -सुरेंद्र सिंह, इंस्पेक्टर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, चीका।