अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। छह दिन से गेहूं की खरीद न होने से परेशान किसान मंगलवार को जब मार्केट कमेटी कार्यालय में धरने पर बैठ गए, तब जाकर गेहूं की खरीद शुरू हुई। देर शाम तक करीब 7000 क्विंटल गेहूं खरीदा गया। किसानों और आढ़तियोें ने नमी के मीटर को लेकर रोष जताया और कहा कि मीटर में गड़बड़ी है।
खुराना निवासी किसान जगदीश, मिया सिंह जाखौली, सुमित चंदाना, रामफल, सुखवीर सिंह व राजेंद्र ने कहा कि खरीद शुरू नहीं होने के बारे पहले एसएमएस का बहाना बनाया जा रहा था। अब नमी की मात्रा बताकर जान बूझकर किसानों को परेशान किया जा रहा है। किसान कई-कई दिनों से मंडी में फसल बिक्री का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उनकी तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। जब अधिकारियों का दल खरीद शुरू करवाने के लिए गेहूं की ढेरियों के पास पहुंचा तो जांच के दौरान फसल में नमी की मात्रा निर्धारित से ज्यादा पाई गई। अधिकारियों ने फसल खरीद से इंकार कर दिया।
इस पर गुस्साए किसानों ने कहा कि पिछले बार 14 प्रतिशत नमी की फसल भी बिकी थी, लेकिन इस बार 12.3 वाली नमी वाला गेहूं भी नहीं खरीद रहे हैं। इतनी कम नमी तो अगर पूरे साल भी गेहूं को सुखाते रहें तो भी रहेगी। साथ ही कहा कि या तो जांच की मशीनों में गड़बड़ी है या फिर जान बूझकर किसानों का समय बर्बाद करवाया जा रहा है। नमी के मीटरों में गड़बड़ है। मार्केट कमेटी का भी नमी मीटर साथ में रखा जाना चाहिए ताकि एक मीटर में गड़बड़ है तो दूसरा ठीक नमी की मात्रा बता सके। दूसरी ओर आढ़तियों ने बताया कि मंगलवार सुबह तक बारदाना भी नहीं पहुंचा था। दोपहर के समय बारदाना पहुंचा और यह बंटना शुरू किया गया था। आढ़तियों को यही स्पष्ट नहीं था कि बारदाना कब मिलेगा और कैसे मिलेगा?
मार्केट कमेटी सचिव रोशन लाल ने कहा कि मंडी में मंगलवार को को बिना किसी गतिरोध के गेहूं की खरीद शुरू हो गई है। करीब बारह बजे गेहूं की खरीद शुरू करवा दी गई थी। डीएफएससी की ओर से करीब 7073 क्विंटल गेहूं खरीदा गया है। वे स्वयं एक-एक ढेरी पर गए हैं। किसी किसान ने रोष नहीं जताया। नमी के मीटर बिल्कुल ठीक हैं। मार्केट कमेटी के भी मीटर हैं। किसानों को कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी। उनकी फसल को सरकार के निर्देशानुसार खरीदा जाएगा। किसानों से अपील है कि वे अपनी फसल को सुखाकर व साफ करके ही मंडी में लाएं।